नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने मार्गदर्शी घोटाले के मामले महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस मामले में आंध्र प्रदेश सरकार को प्रतिवादी के तौर पर चर्चा करने का आदेश दिया। मार्गदर्शी फायनान्शियल चेयरमैन रामोजी राव को मामले डिस्चार्ज पर सवाल करते हुये पूर्व सांसद उंडावल्ली अरुण कुमार ने बीते दिनों याचिका दायर की थी।

इस याचिका पर जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एमआर शाह के नेतृत्व में बनी न्यायपीठ ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई की। न्यायपीठ ने रिजर्व बैंक के विशेष अधिकारी को भी अदालत में पेश होने के आदेश दिये। सुप्रीम कोर्ट ने अपडेट मेमो पेश करने को कहा। मामले की अगली सुनवाई अगले दो हफ्ते के लिए स्थगित की गई।

आपको बता दें कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के कानून 45 (एस) नियमावली का उल्लंघन कर लगभग 2,300 करोड़ रुपये डिपाजिट करने के आरोप में कानून के सेक्शन 45 (टी), सेक्शन 58 (इ) के आधार पर मार्गदर्शी फायनान्सरों के खिलाफ कार्रवाई करने के तत्कालीन सरकार ने वर्ष 2006 में 19 दिसबंर को आदेश जारी किया गया था।