विजयवाड़ा : महिलाओं व बच्चों के साथ होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा लाया गया दिशा कानून को सख्त से सख्त बनाने के अलावा निर्धारित 21 दिन के भीतर जांच और ट्रायल पूरी करने के लिए जरूरी हर संभव संसाधन जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

राज्यभर में कुल 18 पुलिस थाने, दिशा काल सेंटर, दिशा ऐप, विशेष पुलिस अधिकारी की नियुक्ति के अलावा इस कानून में त्वरित जांच और सुनवाई के लिए मोबाइल बस ( Mobile Investigation Unit) सेवा भी शुरू करने का प्राविधान है।

बताया जा रहा है कि जैसे ही किसी भी महिला या बच्चों के साथ गैंगरेप व हत्या जैसी घटनाओं की सूचना मिलेगी तो मौके पर ही मामले की जांच पड़ताल के लिए सर्व सुविधायुक्त बसें ( मोबाइल इनवेस्टीगेशन यूनिट) तैयार की जाने की योजना है, जिन्हें हर जिले में रखा जाएगा।

इन बसों में पीड़िता के लिए विशेष कक्षा होगी ताकि वह खुद को सहज महसूस कर सके और घटना की विस्तृत जानकारी हासिल करने में जांच अधिकारी को आसानी हो सके। फोरेंसिक लैब और अन्य सुविधाएं, जिसमें पीड़िता से पूछताछ व जांच होगी। कहा जा रहा है कि ये बसें हर बड़ी घटनास्थल पर जाएंगी ताकि मोबाइल बसों के अंदर ही तहकीकात की कार्रवाई की जा सके।

इस मोबाइल बस को इस तरह से डिजाइन किया जाएगा जिसमें पूछताछ की जगह के साथ साथ अन्य जगहों को महिला फ्रेंडली बनाया जाएगा, ताकि इसमें पीड़िता खुद को सुरक्षित व सहज महसूस कर सके।

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बस में पीड़िताओं के लिए विशेष सीट, जांच अधिकारी और आरोपियों सहित अन्य गवाहों को बैठने की विशेष व्यवस्था है, ताकि पुलिस अधिकारी मौके पर ही मामले की जांच के तहत पीड़िता की शिकायत दर्ज करने के साथ आरोपियों से पूछताछ की जा सके। इस तरह की मोबाइल बस सेवा का उद्देश्य मामलों की जांच का समय बचाना और जल्द से जल्द आरोपियों को सजा दे सके।