अमरावती : आंध्र प्रदेश के नगर विकास मंत्री बोत्सा सत्यनारायण ने विधान परिषद में मुख्य विपक्षी दल टीडीपी के सदस्यों व विधान परिषद के चेयरपर्सन के व्यवहार को लेकर कड़ा असंतोष व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि विधान परिषद के चेयरमैन टीडीपी प्रमुख नारा चंद्रबाबू नायडू के इशारे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू नायडू और परिषद के चेयरमैन का व्यवहार लोकतंत्र के विरुद्ध रहा है। उन्होंने बुधवार को सदन में हुए हंगामे को खेदजनक बताते हुए कहा कि चंद्रबाबू अधिकारों के विकेंद्रीकरण के खिलाफ काम कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि चंद्रबाबू नायडू राज्य में अनावश्यक कानून-व्यवस्था की समस्या खड़ी करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सदन में नेता प्रतिपक्ष की बयानबाजी असंवैधनिक रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा और विधान परिषद कानून बनाने के लिए होते हैं। 40 साल का राजनीतिक अनुभव होने का दावा करने वाले चंद्रबाबू नायडू का दूसरों को शराब पीकर सदन में पहुंचने वाले बताना किसी भी रूप में सही नहीं है।

उन्होंने बताया कि विधान परिषद में टीडीपी सदस्य नारा लोकेश का रवैया भी ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों में राज्य को लूट चुके चंद्रबाबू नायडू राज्य के सर्वांगीण विकास की दृष्टि से लाए गए बिल का विरोध कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि किसी भी बिल को ज्यादा समय तक रोक नहीं सकते।

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उन्होंने कहा डिविजन किए बिना बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने की टीडीपी की मांग अंसवैधानिक है। उन्होंने कहा कि टीडीपी को छोड़ बाकी सभी दल लोकतांत्रिक पद्धति में आगे बढ़ने को तैयार है।