विजयवाड़ा : मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने महिलाओं व बच्चों के साथ बलात्कार जैसे मामलों में आरोपियों को तत्काल सजा देने के लिए कानून में बदलाव की आवश्यकता जताई है। महिला सुरक्षा पर मुख्यमंत्री ने सोमवार को विधानसभा में भावक भाषण दिया। उन्होंने कहा 'राज्य में छोटी बच्चियों के साथ घट रही घटनाओं सहित हैदराबाद की दिशा घटना ने मेरे दिल को झकझोरा है। मेरी भी दो बेटियां हैं और एक पिता होने के नाते उस दर्द को मैं समझ सकता हूं।'

उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कड़े कानून अमल करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राज्य में हर लड़की, मां और बहन सुरक्षित रह सके, इसके लिए ऐसी किसी भी वारदात के तीन सप्ताह के भीतर सजा देने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह में सुनवाई, दूसरे सप्ताह में ट्रायल और तीसरे सप्ताह में सजा सुनाई जा सके, इसके लिए कानून में बदलाव लेकर आएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सत्ता में आकर छह महीने होने को है और राज्य में छोटी बच्चियों के साथ घट रही घटनाओं ने मुझे झकझोर किया है। उन्होंने कहा कि हैदराबाद की दिशा की घटना की बात करें तो वाकई यह समाज को शर्मसार कर देने वाली है, क्योंकि टोलगेट के पास खड़ी डॉक्टर दिशा की स्कूटी पंक्चर कर उसकी मरम्मत के नाम पर उसके साथ बलात्कार किया और बाद में उसे जिन्दा जला दिया।

दिशा की जान लेने वालों को जिन्दा जलाने पर कोई गलत नहीं है। मेरी भी दो बेटियां हैं। मेरी बहन भी है। इस तरह की घटनाओं पर एक पिता होने के नाते कैसी प्रतिक्रिया व्यक्त करनी चाहिए। आरोपियों को किस तरह की सजा देने से राहत मिलती है, उसी तरह की सजा तेलंगाना सरकार ने अमल किया है। तेलंगाना की पुलिस और केसीआर को सलाम करते हैं।'

अनिवार्य परिस्थिति में एनकाउंटर हुआ है। अगर फिल्मों में हीरो एनकाउंटर करता है तो हम तालियां बजाते हैं और वह सिनेमा भी सुपरहिट हो जाती है। परंतु वही घटना असल जिन्दगी में घटती है तो उसे गलत ठहराते हुए एनकाउंटर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। अगर कुछ करना ही है तो सबसे पहले पीड़ित परिवार को राहत के साथ तत्काल इंसाफ पहंचाना चाहिए। कोई भी नहीं चाहता कि कानून को हाथ में लेकर एनकाउंटर करें। परंतु मामले की जांच में होने वाले विलंब, सालों तक कोर्ट के चक्कर लगाने के बावजूद पीड़ितों को इंसाफ नहीं मिलना बहुत ही चिंताजनक है।

उन्होंने कहा कि अदालतों में किसी तरह का विलंब नहीं होना चाहिए और कड़े कानून बनाने की जरूरत है। कई मामलों में आरोपियों के रंगेहाथ पकड़े जाने के बाद भी उन्हें सजा नहीं मिल रही है। किसी भी घटना के सात दिन के भीतर सुनवाई पूरी होनी चाहिए और तीन सप्ताह के भीतर दोषियों को सजा मिलनी चाहिए और इसके लिए हर जिले में विशेष अदालत स्थापित करनी चाहिए।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब के कारण ही मनुष्य राक्षस बनने लगे हैं। पांच-छह लोग बैठकर शराब पीएंगे तो वे जानवर बन जाते हैं। इसीलिए आंध्र प्रदेश में परमिट रूम, बेल्ट शॉप्स रद्द किए गए हैं। पोर्न वेबसाइट्स पर प्रतिबंध होने के बावजूद उन्हें नहीं रोक पा रहे हैं।

इसलिए मौजूदा कानून में बदलाव की जरूरत है। कुछ देशों में बलात्कारियों को शूट एट साइट किया जाता है। ऐसे मामले हमारे देश के साथ राज्य में भी कानून संशोधन के तहत लाने चाहिए और इसके लिए सरकार सभी से सलाह व सुझाव मांग रही है।

सीएम जगन ने कहा कि सदन में नेता प्रतिपक्ष नारा चंद्रबाबू नायडू सरकार को जरूरी सलाह देने छोड़कर केवल सरकार की आलोचना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में क्राइम रेट पढ़ने के साथ महिलाओं के साथ बलात्कार और हत्या के मामले अधिक दर्ज हुए हैं।