नवरात्रि में कनकदुर्गा, श्रीशैलम में विशेष पूजा-अर्चना, 9 दिन में नौ रूप के होंगे दर्शन

देवी कनकदुर्गा  - Sakshi Samachar

विजयवाड़ा/श्रीशैलम : आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा स्थित इंद्रकिलाद्री पहाड़ पर दशहरा शारदीय नवरात्रि उत्सव रविवार शुरू हो चुका है। अश्वियुज शुद्ध पाड्यमी रविवार से विजय दशमी तक दुर्गा देवी दस अवतारों में भक्तों को दर्शन देंगी। दशहरा राज्य का पर्व होने से सभी सरकारी विभाग इस उत्सव में भागीदार बन रहे हैं। इस बार शारदीय नवरात्रि के पहले दिन देवी श्री स्वर्ण कवचालांकृत कनकदुर्गा देवी के रूप में भक्तों को दर्शन दे रही हैं।

तड़के से शुरू हुआ दर्शन

शारदीय नवरात्रि के पहले दिन स्वप्नाभिषेकम के बाद सुबह 9 बजे से भक्तों को देवी के दर्शन की अनुमति दी गई है। दूसरे दिन भक्त तड़के 3 बजे से रात्रि 11 बजे तक देवी के दर्शन कर सकेंगे। 5 अक्टूबर को मूल नक्षत्र के दिन तड़के 2 बजे से रात्रि 11 बजे तक देवी के दर्शन किए जा सकते हैं।

5 अक्टूबर को देवी को सीएम सौंपेंगे रेशम के वस्त्र

मूल नक्षत्र के दिन राज्य सरकार की तरफ से मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी देवी को रेशम के वस्त्र, हल्दी, कुमकुम, फूल और फल समर्पित करेंगे। 8 अक्टूबर विजयदशमी के दिन शाम को कृष्णा नदी में नदी विहार तेपोत्सवम का आयोजन किया जाएगा। हंस वाहन में वेदपंडितों के मंत्रोच्चारण के बीच श्री दुर्गा मल्लेश्वर का नदी विहार का आयोजन होगा।

मंदिर के पुजारी उत्सव में प्रति दिन विशेष रूप से कुमकुमार्चना, विशेष चंडीहोम का आयोजन करेंगे। भक्त निर्धारित फीस का भुगतान कर इस कार्यक्रम में भाग ले सकते हैं। प्रति दिन शाम 6 बजे शिवमंदिर की सीढ़ियों के निकट से अर्जुन विधि मार्ग, रथ सेंटर, विनायक मंदिर, वापस रथ सेंटर के रास्ते टोलगेट के रास्ते पहाड़ तक नगरोत्सव का आयोजन होगा।

कहां क्या होगा...

कनकदुर्गा नगर में प्रसादी काउंटर, अर्जुन विधि स्थित अन्नदान भवन के पास अन्न प्रसादी का वितरण, सीतम्मावारी पाद के पास केशखंडनशाला तक व्यवस्था की गई है। वृद्धों व दिव्यांगों के लिए मुफ्त वाहन सेवा उपलब्ध है। पहाड़ के निचले हिस्से में चप्पल स्टैंड और क्लॉक रूम की व्यवस्था रहेगी।

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किस दिन कौन सा अवतार...

29 सितंबर को स्वर्ण कवचालंकृत दुर्गादेवी

30 सितंबर को बाला त्रिपुरा सुंदरीदेवी

1 अक्टूबर को गायत्री देवी

2 अक्टूबर को अन्नपूर्णा देवी

3 अक्टूबर को ललिता त्रिपुरा सुंदरीदेवी

4 अक्टूबर को महालक्ष्मी देवी

5 अक्टूबर सरस्वती देवी (मूला नक्षत्र)

6 अक्टूबर को दुर्गादेवी (दुर्गाष्टमी)

7 अक्टूबर को महिशासुर मर्धनीदेवी (महर्नवमी)

8 अक्टूबर को राजराजेश्वरी देवी (विजय दशमी)

श्रीशैलम में आज से....

कर्नूल जिला स्थित जोतिर्लिंग श्रीशैल में भी रविवार से 8 अक्टूबर तक चलने वाला श्रीदेवी शारदीय नवरात्रि उत्सव धूमधाम से शुरू हो चुका है। इस उत्सव के दौरान श्री मल्लिकार्जुन स्वामी की विशेषार्चना, श्रीभ्रमरांबादेवी की विशेष नवावर्णार्चना, रुद्र, चंडियोग, अलंकार, वाहन सेवाएं आयोजित की जाएगी। साथ ही कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।

नवरात्रि पर सजा श्रीशैलम मंदिर 

7 अक्टूबर को राज्य सरकार की तरफ से मल्लियप्पा स्वामी और भ्रमरांब देवी को रेशम के वस्त्र भेंट किए जाएंगे। उत्सव के आखिरी दिन विजय दशमी पर शाम को मंदिर पुष्करिणी में स्वामी और देवी का तेपोत्सवम का आयोजन होगा। मंदिर के कार्यकारी अधिकारी के.एस. राव ने यह जानकारी दी। उसके बाद शमी पूजा के साथ उत्सव की समाप्ति होगी।

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