हैदराबाद : आंध्र प्रदेश के पवित्र पुण्य क्षेत्र तिरुमला स्थित भगवान बालाजी की हुंडी आय में अपार वृद्धि हो रही है। बालाजी के दर्शन के बाद भक्तों द्वारा हुंडी में अर्पित करने वाले चढ़ावे (दान) में दिनों दिन बढ़ोत्तरी हो रही है। हुंडी में डाले जाने वाले चढ़ावे में सोना, चांदी और रकम में हर साल भारी बढ़ोत्तरी हो रही है।

साथ ही तिरुमला तिरुपति देवस्थानम के विकास कार्यक्रमों के लिए दान दाताओं द्वारा दिये जाने वाले चढ़ावे में भी रिकॉर्ड स्तर की वृद्धि हुई है। इसके अलावा भगवान बालाजी के दर्शन करने वालों की संख्या में हर साल वृद्धि हो रही है। इस साल अप्रैल से अगस्त तक यानी इन पांच महीने में भगवान बालाजी के दर्शन करने वालों की संख्या भी दुगनी हुई है।

हर दिन अल सुबह 3 से आधी रात के 12.30 बजे के बाद एकांत सेवा तक भक्तों से पूरा मंदिर परिसर खचाखच भरा पाया जाता है। इन भक्तों द्वारा समर्पित किये जाने वाले दान से हर दिन 10 से 12 हुंडी भर जा रहे हैं। साल 2003-04 में हुंडी की आय 227 करोड़ रुपये थी। अब यही आय साल 2018-19 तक 1,231 करोड़ रुपये हुई है।

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पांच महीने में 500 करोड़

इस साल अप्रैल से अगस्त तक यानी इन पांच महीने में भगवान बालाजी की हुंडी आय में दुगुनी वृद्धि हुई है। पिछले साल अप्रैल से अगस्त तक 450.54 करोड़ रुपये हुंडी आय हुई थी। इस बार अप्रैल से अगस्त तक 497.28 करोड़ हुंडी आय हासिल हुई है। इनमें 525 किलोग्राम सोना शामिल है। जबकि पिछले साल इन पांच महीने में 344 किलोग्राम सोना दान में मिला था। इसी क्रम में पिछले साल 1,128 किलोग्राम चांदी मिली थी। इस साल 3,098 किलोग्राम चांदी हुंडी में आई है।

ट्रस्ट दान

टीटीडी द्वारा संचालित दस ट्रस्ट और एक अन्य योजना के लिए पिछले साल 114 करोड़ रुपये चढ़ावे में मिले थे। इसके लिए इस साल 141 करोड़ चढ़ावे मिले हैं। टीटीडी के कार्यकारी अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि करोड़ों लोगों में भगवान बालाजी के प्रति भक्ति और विश्वास होने के कारण ही हर साल हुंडी की आय में बढ़ोत्तरी हो रही है।

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भक्तों की संख्या में वृद्धि

10 अप्रैल 1945 को पहला घाट रोड़ आरंभ हुआ था। टीटीडी के हिसाब से तब से साल 1952 तक हर दिन दो हजार भक्त भगवाल बालाजी के दर्शन करने आये थे। साल 1974 में दूसरा घाट रोड़ आरंभ हुआ था। तब तक हर दिन 8 हजार भक्त बालाजी के दर्शन करने आये। इसी तरह साल 1980 तक हर दिन 15 हजार, साल 1990 तक हर दिन 25 हजार, साल 2000 तक हर दिन 40 हजार, साल 2010 तक हर दिन 60 हजार, इसी तरह पूरे साल 2010 तक 2.14 करोड़ भक्तों ने भगवान बालाजी के दर्शन किये। साल 2011 में 2.43 करोड़, 2012 में 2.73 करोड़, 2013 में 1.96 करोड़ (तेलंगाना आंदोलन के चलते थोड़ी सी कमी आयी), साल 2014 में 2.26 करोड़, साल 2015 में 2.42 करोड़, साल 2016 में 2.51 करोड़, साल 2017 में 2.62 करोड़ और 2018 में 2.74 करोड़ भक्तों ने भगवान बालाजी के दर्शन किये। इस साल जनवरी से अब तक 1.9 करोड़ भक्तों ने भगवान बालाजी के दर्शन किये।

हुंडी आय में वृद्धि

इसी तरह साल 2003-04 में 227 करोड़ की हुंडी आय प्राप्त हुई थी। साल 2004-05 में 258 करोड़, साल 2005-06 में 309 करोड़, साल 2006-07 में 387 करोड़, साल 2007-08 में 490 करोड़, साल 2008-09 में 551 करोड़, साल 2009-10 में 583 करोड़, साल 2010-11 में 675 करोड़, साल 2011-12 में 782 करोड़, साल 2012-13 में 859 करोड़, साल 2013-14 में 832 करोड़, साल 2014-15 में 900 करोड़, साल 2015- 16 में 1010 करोड़. 2016-17 में 1,110 करोड़, साल 2017-18 में 1,156 करोड़ और साल 2018-19 में 1,231 करोड़ की आय हासिल हुई है।