विजयवाड़ा : आंध्र प्रदेश में तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के चलो आत्मकुरु का आह्वान और वाईएसआरसीपी की जवाबी मार्च के मद्देनजर गुंटूर जिले में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। टीडीपी ने पलनाडू क्षेत्र में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) द्वारा अपने कार्यकताओं पर 'बढ़ते हमले' और कुछ ग्रामीणों को गांव से निकालने के विरोध में मार्च का आह्वान किया है और उसके जवाब में वाईएसआरसीपी ने भी एक जवाबी मार्च करने की योजना बनाई है।

तेदेपा ने घोषणा की थी कि पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ नायडू अपने आवास पर दिनभर का अनशन करेंगे। तेदेपा के अध्यक्ष गुंटूर जिले के पालनाडु क्षेत्र के रहने वाले लोगों के समूह को आत्माकुरू नाम के गांव में ले जाना चाहते थे।

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राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता नायडू ने कहा, ''वाईएसआर के लोगों और पुलिस ने जिन ग्रामीणों को गांव से बाहर निकाल दिया था मैंने उन लोगों को वापस वहां ले जाने की योजना बनाई थी। यह कोई आंदोलन नहीं है बल्कि हम तो यह बताना चाहते हैं कि हम राजनीतिक पक्षपात के शिकार लोगों के साथ हैं।''

तेदेपा प्रमुख एन.चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि प्रदर्शन होगा और उनके कार्यकर्ताओं के खिलाफ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेताओं द्वारा की जा रही ज्यादतियों को उजागर किया जाएगा। तेदेपा का आरोप है कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेताओं के हमलों में उसके आठ कार्यकर्ताओं की मौत हो चुकी है और इनमें से अधिकांश वारदात पलनाडु में हुई हैं।

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उधर, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी का भी आरोप है कि उसके कार्यकर्ताओं पर तेदेपा ने हमले करवाए हैं।वाईएसआर ने आरोप लगाया कि तेदेपा लोगों को पैसे देकर यह सब करवाना चाहती है। पार्टी ने खुद भी ‘चलो आत्मकुरु' का आह्वान किया था लेकिन पुलिस ने दोनों ही पक्षों को इसकी इजाजत नहीं दी और भारतीय दंड संहिता की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगा दी। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अटमाकुरू और पलनाडु क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।