नई दिल्ली : चंद्रयान 2 के लैंडर विक्रम ने शुक्रवार 7 सितंबर के दिन की शुरुआत के साथ चांद के दक्षिणी ध्रुव की सतह पर उतरने की कोशिश की। इस प्रक्रिया के दौरान अंतिम समय में इसरो के वैज्ञानिकों का संपर्क लैंडर से टूट गया। रोवर प्रज्ञान इसके अंदर मौजूद था। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो को उम्मीद न खोकर साहस के साथ आगे बढ़ने की बात कही है।

इसरो के अध्यक्ष के. सिवन ने कहा कि संपर्क उस समय टूटा, जब विक्रम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाले स्थान से 2.1 किलोमीटर दूर रह गया था। इसरो चीफ के सिवन ने कहा कि अभी आंकड़ों का इंतजार किया जा रहा है। इस खबर से जहां इसरो के वैज्ञानिकों में निराशा देखने को मिली, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो के वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आपने बहुत अच्छा काम किया है।

उन्होंने कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और यह यात्रा जारी रहेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "जब मिशन बड़ा होता है तो निराशा से पार पाने का हिम्मत होना चाहिए. मेरी तरफ से आप सभी को बहुत बधाई है। आपने देश की मानव जाति की बड़ी सेवा की है।"

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को चंद्रयान-2 के चंद्रमा की सतह पर उतरने के अंतिम पड़ाव को देखने के लिए बेंगलुरू के इसरो मुख्यालय में विद्यार्थियों संग उपस्थित थे।

दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देशवासियों से आग्रह किया कि सभी लोग चंद्रयान-2 को चांद की सतह पर उतरने की पूरी प्रक्रिया को देखें और उस पल की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा करें।

इसके साथ ही वह 'स्पेस क्विज' के विजेताओं के साथ बातचीत भी करेंगे। 'स्पेस क्विज' कक्षा 8 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया था और इसमें विजयी विद्यार्थियों को इसरो में चंद्रयान-2 के चंद्रमा पर उतरने की अंतिम प्रक्रिया को देखने के लिए आमंत्रित किया गया है।

अधिकारियों ने कहा कि इसरो में मोदी के आने से अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का मनोबल बढ़ेगा और युवाओं को एक आविष्कारी मानसिकता विकसित करने की प्रेरणा भी मिलेगी। वहीं मोदी ने कहा कि चंद्रयान-2 "दिल से भारतीय, आत्मा से भारतीय मिशन है! जो हर भारतीय को रोमांचित कर देगा, सच तो यह है कि यह पूरी तरह स्वदेशी मिशन है।"

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इसरो ने अपने बयान में कहा, "लैंडर विक्रम भारतीय समयानुसार देर रात 1.00-2.00 बजे के बीच चंद्रमा की सतह पर उतरना शुरू करेगा और 1.30 से 2.30 बजे तक चंद्रमा की सतह पर उतर जाएगा।"

मोदी का देशवासियों से चंद्रयान-2 को उतरता देखने और तस्वीरें साझा करने का आग्रह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देशवासियों से आग्रह किया कि सभी लोग चंद्रयान-2 को चांद की सतह पर उतरने की पूरी प्रक्रिया को देखें और उस पल की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा करें।

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, "मेरा आप सभी से आग्रह है कि आप चंद्रयान-2 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरता हुआ देखें। इस विशेष क्षण की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा करें। मैं उनमें से कुछ को री-ट्वीट भी करूंगा।"

उल्लेखनीय है कि चंद्रयान-2 शनिवार को चांद की सतह पर उतरेगा। इस प्रक्रिया को देखने के लिए प्रधानमंत्री मोदी स्वयं बेंगलुरू स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मुख्यालय में मौजूद रहेंगे।

अधिकारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी चंद्रयान-2 को चांद की सतह पर उतरने की प्रक्रिया का साक्षी बनेंगे। वह उपग्रह नियंत्रण केंद्र (एससीसी), इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क (आईएसटीआरएसी) से इस घटना को देखेंगे।

'स्पेस क्विज' के विजेता इस दौरान प्रधानमंत्री से मुलाकात कर सकेंगे। यह 'स्पेस क्विज' इस घटना को लेकर कक्षा आठ से 10वीं तक के विद्यार्थियों के लिए इसरो की तरफ से आयोजित करवाया गया था।

अधिकारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे से अंतरिक्ष संगठन के वैज्ञानिकों का मनोबल बढ़ेगा और युवाओं में प्रश्न पूछने की भावना प्रबल होगी। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी चंद्रयान-2 के बारे में कह चुके हैं कि "यह मिशन भारत के दिल में है, भारत की भावना में है।"