अमरावती : बीते सप्ताह कृष्णा नदी के ऊपरी क्षेत्र में भारी वर्ष होने से नदी में बाढ़ आ गई। इससे प्रकाशम बैरेज में इनफ्लो बढ़ा और नदी किनारे बसे आसपास के गांव जलमग्न हो गये। सैंकड़ों एकड़ भूमि में फसले बर्बाद हो गई। खेतों में तीन से चार फीट तक पानी घुसा रहा। घरों में बाढ़ का पानी घुसा।

प्रकाशम बैरेज में आनेवाला बाढ़ का पानी 6.26 लाख क्यूसेक से कम हो गया। बैरेज में क्षमता से अधिक जलजमाव होने से 70 गेट खोले गये और 6 लाख क्यूसेक जल नीचले क्षेत्र में छोड़ा जा रहा है।

शनिवार को अलमट्टी और नारायणपुर के जलाशयों में बाढ़ का पानी कम होने से रविवार से प्रकाशम बैरेज में जलस्तर कम हो रहा है। पश्चिम महाराष्ट्र में भारी बारिश होने से कृष्णा नदी में बाढ़ आ गई। वर्तमान में प्रकाशम बैरेज के निकट 12 फीट जलजमाव के साथ जलस्तर 3.07 टीएमसी बना है।

कृष्णा नदी में जलप्रवाह
कृष्णा नदी में जलप्रवाह

प्रकाशम बैरेज के जलस्तर को देखते हुये कृष्णा नदी के नहरों में छोड़ा जा रहा है। पूर्वी डेल्टा के लिए 9467 और पश्चिम डेल्टा के लिए 8 हजार क्यूसेक जल छोड़ा जा रहा है। रविवार की शाम बाढ़ का प्रवाह 6 लाख क्यूसेक कम हुआ। यह जानकारी बैरेज के कंजरवेटर ने दी। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलस्तर घट रहा है।

आपको बता दें कि अमेरिका दौरे पर गये मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के आदेशानुसार मंत्री, विधायक, सांसद ने बाढ़ प्रभावित नीचले क्षेत्र का दौरा किया। पेनमलुरु बाढ़ प्रभावित गावों में सांसद बालाशौरी, विधायक कोलुसु पार्थसारथी ने रविवार की सुबह दौरा किया।

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बाढ़ पीडितों के राहत कार्य में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जा रही है। उनका पुनरावास करने का विधायक पार्थसारथी ने अधिकारियों को आदेश दिया। विधायक पार्थसारथी ने बाढ़ पीडितों को सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।