हैदराबाद : तेलंगाना का सांप प्रेमी अब नहीं रहा। सांप प्रेमी श्रीनिवास मुदिराज उर्फ धनुष सांप प्रेमी था। जहां कहीं पर भी सांप होने और सांप से डरने वालों का डर मिटाने के लिए वह सांप को पकड़ता था। इसके बाद पकड़े गये सांप को सुरक्षित जगह छोड़ देता था। ऐसा करना उसका पेशा नहीं आदत बन गई। मगर घर वालों को यह पसंद नहीं था। उन्होंने सांप पकड़ना छोड़ देना आग्रह भी किया। मगर वह नहीं माना। आखिर यही आदत उसकी मौत का कारण बन गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आंध्र प्रदेश के राजमंड्री निवासी राजू और जयालक्ष्मी दंपती अपने तीन बच्चों के साथ 30 साल पहले पटानचेरु के शांतिनगर कॉलोनी में रह रहे थे। इस दंपती की बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। बेटा श्रीनिवास एमआरएफ कारखाने में नौकरी करता था। इसी दौरान कहीं पर भी सांप होने या दिखायी देने की खबर मिलती तो श्रीनिवास वहां जाकर सांप को पकड़ता। साथ ही सुरक्षित जगह छोड़ आता।

सांपों के साथ श्रीनिवास
सांपों के साथ श्रीनिवास

इसी क्रम में श्रीनिवास गुरुवार को विकाराबाद जिले में कुछ काम के सिलसले में गया हुआ था। इसी दौरान मोमिनपेट पुलिस थाना क्षेत्र के मारपल्ली मंडल के कोंशेट्टीपल्ली गांव में सांप होने की उसे जानकारी मिली। इसके चलते श्रीनिवास वहां सांप को पकड़ने गया। सांप पकड़ने के क्रम में उसने उसे डस लिया। फिर भी वह डरा नहीं। सांप को बंदी बनाया। सुरक्षित जगह छोड़ आया।

इसके बाद श्रीनिवास को सदाशिवपेट अस्पताल ले जाया गया। वहां पर उसकी हालत नाजूक बन गई। इसके चलते उसे संगारेड्डी सरकारी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। इलाज के दौरान श्रीनिवास ने शुक्रवार को दम तोड़ दिया। श्रीनिवास की मौत से पटानचेरु में शोक की लहर छा गई।