PM मोदी के सामने आंध्र CM YS जगन ने फिर उठाया ‘स्पेशल स्टेटस’ का मुद्दा, दबबदलू कानून पर दी यह राय 

सर्वदलीय बैठक में भाग लेते वाईएस जगन मोहन रेड्डी  - Sakshi Samachar

नई दिल्ली : वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सुप्रीमो व आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने संसद को साक्षी मानते हुए आंध्र प्रदेश को दिए गए स्पेशल स्टेटस का आश्वासन अभी पूरा नहीं होने की बात को एक बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष उठाया।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नई दिल्ली के पार्लियामेंट लाइब्रेरी भवन में आयोजित सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री वाईएस जगन रेड्डी ने बैठक के एजेंडे में शामिल सभी मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट किया और 'एक देश-एक चुनाव' को अपना समर्थन प्रकट किया।

साथ ही दलबदलू कानून के सख्त अमल के लिए संविधान के शेड्यूल 10 और प्रतिनिधित्व कानून में संशोधन का प्रस्ताव रखा। उन्होंने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में कारगर योजनाओं की घोषणा करने की अपील की।

सर्वदलीय बैठक में भाग लेते वाईएस जगन मोहन रेड्डी 

इस तरह रही सीएम वाईएस जगन का भाषण...

'संसद और उसकी परंपरा के प्रति मुझे अपार सम्मान और भक्ति है। संसद को मैं लोकतंत्र का मंदिर मानता हूं। लोकसभा में 22 सदस्यों के साथ चौथी सबसे बड़ी पार्टी के अध्यक्ष के तौर पर मैं एक बुनियादी सावल आपके सामने रखने जा रहा हूं।

आंध्र प्रदेश के विभाजन से पहले फरवरी 2014 में नए बशर्ते आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा (स्पेशल स्टेटस) देने का तत्कालीन सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों की मदद से संसद ने स्पष्ट आश्वासन दिया था। इसे अगर पांच सालों में पूरा नहीं किया गया है तो लोकतंत्र का मंदिर कहे जाने वाले संसद पर लोग और कब तक विश्वास करेंगे?

राज्य के अधिकांश लोगों की आकांक्षा के विरुद्ध राज्य को विभाजित करने की क्षमता होना और बशर्ते स्पेशल स्टेटस के आश्वासन को पूरा करने की क्षमता नहीं होने का संसद कैसे समर्थन कर सकता है? यह किस प्रकार का न्याय है। लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने और सम्मान पाने के लिए संसद द्वारा दिए गए हर आश्वाशन को निर्धारित समयसीमा के भीतर अमल करना अनिवार्या है। तभी पीड़ित पार्टियां सदन में हंगामा करना बंद कर देंगी।'

सख्त बने दलबदलू कानून

'संविधान के शेड्यूल 10 के क्रियान्वयन में सख्ती की आवश्यकता को मैं अपके सामने रख रहा हूं। इस बात को समझाने के लिए मैं कुछ वास्तविकताएं आपके सामने रख रहा हूं। पिछले लोकसभा चुनाव में वाईएसआरसीपी के टिकट पर जीतने वाले तीन सांसद टीडीपी में शामिल होने के अलावा वे विभिन्न बैठकों व कार्यक्रमों में हिस्सा लेते रहे।

बैठक में भाग लेने के लिए जाते हुए वाईएस जगन 

उसी तरह, पिछले विधानसभा चुनाव में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के 23 विधायकों को टीडीपी ने काले धन का लालच देकर पार्टी में शामिल कर लिया। यही नहीं, कुछ को मंत्री बनाकर अधिकार का दुरुपयोग भी किया। परंतु इन मामलों में विधानसभा स्पीकर और विधान परिषद के अध्यक्ष ने दलबदलू विधायकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।

यह दलबदलू निरोधक कानून का उल्लंघन ही है और मुझे पूरा विश्वास है कि आप इसे जनता के फैसले का अपमान मानेंगे। संसद और विधानसभा के लिए चुने गए सदस्यों के दलबदल से संबंधित याचिकाओं को प्रिसाइडिंग अधिकारी को 90 दिन में निपटाना होता है। मैं संविधान के 10वें शेड्यूल में उचित नियम शामिल करने की अपील कर रहा हूं।

साथ ही अन्य पार्टियों से इस्तीफा दिए बिना सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को शामिल कर चुके राजनीतिक पार्टियों को चुनाव लड़ने से रोकने और उनपर अयोग्यता की गाज गिराने के लिए जनप्रतिनिधि कानून में भी एक नियम शामिल करना चाहिए। इन नियमों का पालन नहीं होगा, तो पीड़ित पार्टियां सभा में आंदोलन नहीं करेंगी तो क्या करेंगी।

शिक्षा, स्वास्थ्य क्षेत्र के विकास के लिए शुरू हों कारगर योजनाएं

आज के एजेंडे में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती उत्सव को महत्व दिया गया है। मैं प्रधानमंत्री से राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम घोषित करने की अपील करता हूं। मुख्य रूप से राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा के क्षेत्र में ग्रास एनरोलमेंट रेशियो (जीईआर) में वृद्धि दर्ज करने, चिकित्सा खर्च कम करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की घोषणा करना चाहिए।

सर्वदलीय बैठक में भाग लेने के लिए जाने के दौरान विभिन्न पार्टियों के नेताओं से बात करते वाईएस जगन 

ब्रिक्स देशों के मुकाबले सबसे कम जीईआर के साथ उच्चशिक्षा के क्षेत्र में 25 फीसदी के साथ हमारा देश है। उन्होंने कहा कि कमजोर आर्थिक स्थिति और गरीबी की वजह से अधिक बच्चे उच्चशिक्षा से दूर रह रहे हैं।

स्वास्थ्य क्षेत्र पर हमारे देश में जीडीपी का केवल 1.30 फीसदी खर्च कर रहे हैं, जोकि ब्रिक्स देश में ये सबसे कम है। आर्थिक विकास की ओर तेजी से अग्रसर हमारे देश में राष्ट्रीय स्तर पर जीईआर को बढ़ाने वाली और चिकित्सा खर्च कम करने वाली योजनाओं की घोषणा करने के लिए प्रधानमंत्री से अपील कर रहा हूं।'

एक देश-एक चुनाव

'एक देश एक चुनाव' एक साहसिक पहल है। हमारे राज्य में संसद और राज्य विधानसभा के लिए 1999 से एकसाथ चुनाव हो रहे हैं। अब प्रस्तावित एक देश-एक चुनाव की भावना में हम पिछले 20 वर्षों से हिस्सेदार हैं। एक देश-एक चुनाव से चुनाव खर्च कमेगा। साथ ही पांच वर्ष में एक बार चुनाव होने से यह प्रक्रिया वोटरों की भागीदारी बढ़ाती है

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