चंद्रबाबू के आतंक से कब मिलेगी इस इलाके के लोगों को मुक्ति, जगन मोहन सरकार से बड़ी आस..!

डिजाइन फोटो  - Sakshi Samachar

अमरावती : पूर्व मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू उंडवल्ली-अमरावती के बीच कृष्णनदी के पास रिजर्व कंजर्वेटरी में नियमों के विरुद्ध रह रहे हैं। चुनाव के दौरान रात में वाहनों को उनके आवास की ओर जाने से रोका गया। परंतु चुनाव समाप्त होने के साथ-साथ टीडीपी के हारने से चंद्रबाबू नायडू मुख्यमंत्री की कुर्सी गंवा चुके हैं।

अब उनके विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी तक ही सीमित होने के बाद भी रात्रि 10 बजे के बाद किसानों व यात्रियों को उनके आवास की तरफ जाने से रोका जा रहा है। पुलिस ने चंद्रबाबू के आवास के तीन तरफ के रास्ते बंद कर दिए हैं।

दूसरी तरफ, मछुआरों को कृष्णा नदी में जाने से रोकने के लिए पुलिस निरंतर वहां पहरा देते हुए दूसरों को परेशान कर रही है। सीतानगरम के कोंडावीटी वागू हेडस्लूइस से चंद्रबाबू का आवास करीब 3 किलो मीटर की दूरी पर है।

कोंडावीटी वागू और कृष्ण नदी के तट के बीच करीब 500 एकड़ कृषि भूमि है। इस कृषि भूमि में अधिकांश फूल के बगीचे और सब्जियों की पैदावार होने के कारण किसान देर रात 1 से 3 बजे के बीच खेतों को जाया करते हैं।

परंतु पुलिस उन्हें उनके खेतों में जाने से रोकते हुए परेशान कर रही है। इससे यहां के लोग कह रहे हैं कि सत्ता छिने जाने के बावजूद यहां चंद्रबाबू का वर्चस्व दिख रहा है। इसी बात को लेकर यहां के किसान स्थानीय विधायक आल्ला रामकृष्णा रेड्डी (RK) के समक्ष ले गए। आरके ने कहा कि चंद्रबाबू नायडू अवैध निर्माण में रह रहे हैं।

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उन्होंने कहा कि अगर किसानों को उनके खेत जाने से रोका जाएगा तो वह चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने अगले दो-तीन दिन में पुलिस के बैरिकैड नहीं हटाने की स्थिति में चंद्रबाबू के आवास के सामने जाकर धरने पर बैठने का आश्वासन दिया है।

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