गुंटूर : तेलुगु देशम पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व स्पीकर कोडेला शिवप्रसाद राव परिवार की अब तक की अराजकता और अवैध वसूली के मामले धीरे-धीरे सामने आने लगे हैं। अपने परिवार को निशाना बनाते हुए पुलिस में उनके खिलाफ झूठी शिकायतें करने का आरोप लगाते हुए कोडेला शिवप्रसाद राव की सबूत पेश करने की चुनौती के दो दिन के भीतर रंजी क्रिकेट खिलाड़ी पर हमले का मामला सामने आया है।

गुंटूर के रूरल पुलिस अधीक्षक जयलक्ष्मी के आदेश पर कोडेला शिवप्रसाद सहित उनके बेटे शिवराम के खिलाफ कई धाराओं के तहत पुलिस ने मामले दर्ज किए हैं। सत्तेनपल्ली और नरसारावपेट निर्वाचन क्षेत्र में अपने बेटे शिवराम, बेटी विजयलक्ष्मी की अराजकता और अवैध वसूली में कोडेला शिवप्रसाद के उनके साथ देने की खबर है। कोडेला के बेटे और बेटी के खिलाफ इससे पहले दर्ज मामलों में शिवप्रसाद राव को भी आरोपी के तौर पर शामिल करने की मांग उठ रही है।

कोडेला परिवार के कारनामों की जांच के लिए 'सिट'!

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सत्ता में आने के बाद कोडेला परिवार की वजह से नुकसान हुए सभी लोग धैर्य के साथ सामने आकर अपने साथ हुई नाइंसाफी के बारे में स्थानीय पुलिस में शिकायतें दर्ज करवा रहे हैं। नरसारावपेट में कोडेला के बेटे और बेटी के खिलाफ अब तक करीब 10 मामले दर्ज हो चुके हैं। कोडेला परिवार के खिलाफ जांच के लिए पुलिस के विशेष जांच टीम के गठन पर विचार करने की खबर है।

रंजी क्रिकेटर से वसूले 15 लाख

आंध्र प्रदेश की रंजी क्रिकेट टीम के खिलाड़ी बुडुमुरू नागराज ने बताया कि कोडेला शिवराम ने स्पोर्ट्स कोटा के तहत रेलवे में नौकरी दिलाने के भरोसा देकर उससे 15 लाख रुपए वसूलने के बाद उसे धोखा दिया। नागराज ने शनिवार को गुंटूर जिले के नरसारावपेट के डीएसपी रामवर्मा से इसकी शिकायत की।

श्रीकाकुलम जिले के पोला मंडल के यव्वारीपेट गांव निवासी बुडुमूरु नागराज आंध्रा रंजी टीम की तरफ से पिछले पांच वर्षों से क्रिकेट खेल रहा है। दो वर्ष पहले विजयवाड़ा निवासी भरतचंद्रा के जरिए नागराज का केडेला शिवराम से परिचय हुआ। इसी दौरान शिवराम ने उसे भरोसा दिलाया कि वह उसे स्पोर्ट्स कोटा में रेलवे एएलपी की नौकरी दिलाएगा, लेकिन इसके लिए 15 लाख रुपए खर्च होंगे।

शिवराम की मांग के मुताबिक नागराज ने उसे 27 फरवरी 2018 को उसे 15 लाख रुपए दिए। नागराज से रूपये लेने के बाद शिवराम ने उसे एक बॉंड और नौकरी की नियुक्ति से जुड़ा सर्टिफिकेट सौंपकर उसे अगले दिन कानपूर जाने के लिए। शिवराम के कहे मुताबिक नागराज अगले ही दिन कानपुर पहुंचा तो शिवराम का एक व्यक्ति उससे मिला और स्पोर्ट्स कोटा में भर्ती के दौरान सूचित करने की जानकारी देकर उसे वापस भेज दिया।

इसी क्रम में पिछले कुछ समय से कोडेला के परिवार के खिलाफ एक के बाद एक मामला दर्ज होते देख नागराज समझ गया कि वह भी शिवराम के हाथ धोखा चुका है। इसके तुरंत बाद उसने फोन पर कोडेला शिवप्रसाद राव से संपर्क किया तो उन्होंने रुपये लौटाने की बात कही। इसी के तहत गत 2 जून को नागराज नरसारावपेट स्थित कोडेला के आवास पर पहुंचा तो वहां कोडेला के गुर्गों ने उसपर हमला करने के अलावा बॉंड पेपर छीना और उन्हें फाड़ दिया।

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नागराज ने जब इस संबंध में पुलिस में शिकायत करने की बात कही, तो रुपये लौटाने के बहाने उसे फिर शुक्रवार को नरसारावपेट बुलाया और उससे कहा कि उसके गुंटूर स्थित लक्ष्मी सुपर स्पेशालिटी अस्पताल के करीब पहुंचने पर उसे पूरे रुपए मिल जाएंगे। नागराज ने वहां पहुंच कर कोडेला को कई बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद नागराज ने रूरल एसपी से घटना की शिकायत की।

पीड़ित नागराज की शिकायत के बाद नरसारावपेट टूटाऊन के सीआई अलहरी श्रीनिवास राव ने बताया कि कोडेला शिवप्रसाद राव, कोडेला शिवराम के खिलाफ चीटिंग, फर्जी दस्तावेज तैयार करने के अलावा धारा 420, 468, 472, 477,387, रेड विथ 34 के तहत मामले दर्ज किए जा रहे हैं।