विजयवाड़ा : आंध्र प्रदेश विधानसभा में नेता सदन व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने नवनिर्वाचित विधानसभा अध्यक्ष तम्मीनेनी सीताराम को बधाई दी। इस मौके पर उन्होंने विश्वास जताया कि तम्मीनेनी सीताराम पिछले विधानसभा अध्यक्ष की तरह सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच भेदभाव नहीं करेंगे।

उन्होंने कहा कि पिछली विधानसभा में तत्कालीन स्पीकर कोडेला शिवप्रसाद का नाम लिए बिना कहा कि उस वक्त सदन में मुख्य विपक्षी दल वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के 23 विधायक अपने पद से इस्तीफा दिए बिना टीडीपी में शामिल होने दिया गया। यहां तक कि उनके मंत्री बनने तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

उन्होंने कहा कि हाल के विधानसभा चुनाव परिणाम इस बात की गवाह है कि भगवान के पास देर है लेकिन अंधेर नहीं है। यही वजह है कि 2014 के चुनाव के बाद टीडीपी ने वाईएसआरसीपी के 23 विधायकों और 3 सांसदों को खरीदा था, लेकिन हाल के विधानसभा चुनाव में टीडीपी के 23 विधायक और 3 सांसद ही चुने गए हैं।

इसे भी पढ़ें :

आंध्र प्रदेश विधानसभा सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू

वाईएस जगन ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार पिछली सरकार की तरह विपक्ष के विधायकों को नहीं खरीदेगी, लेकिन अगर टीडीपी के विधायक हमारी पार्टी में शामिल होना चाहते हैं, तो पहले उन्हें अपने विधायक पद से इस्तीफा देना होगा और उसके बाद ही हमारी पार्टी में जगह मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि नवनिर्वाचित स्पीकर सदन के सभी सदस्यों के साथ न्याय करेंगे।

उन्होंने कहा कि कई लोगों का कहना है कि अगर हम टीडीपी के 5-6 विधायकों को वाईएसआरसीपी में शामिल करेंगे, तो टीडीपी विपक्ष का दर्जा भी खो देगी, लेकिन हमारा ऐसा कोई इरादा नहीं है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा के लिए 6 बार विधायक चुने गए तम्मीनेनी सीताराम राज्य में एक अच्छे नेता हैं और हम आशा करते हैं कि हमने आप जैसे स्पीकर चुनाकर एक अच्छी परंपरा का अनुसरण करते हुए देश के लिए आप एक आदर्श स्पीकर साबित होंगे।

उन्होंने कहा कि सोमनाथ चटर्जी, जीवी मूलंकर सर्वश्रेष्ठ लोकसभा स्पीकर के रूप में जाने जाते हैं और अगर आंध्र प्रदेश की बात की जाए, तो बीवी सुब्बारेड्डी, अय्य देवर कालेश्वर राव, कोना प्रभाकर राव सहित कुछ महापुरुषों के नाम याद आते हैं।

बीसी का मतलाब बैकवर्ड क्लास नहीं, बैकबोन क्लास...

वाईएस जगन ने कहा कि पिछड़े वर्ग से जुड़े तम्मीनेनी सीताराम को विधानसभा अध्यक्ष बनाकर वाईएसआरसीपी सरकार ने एक नई परंपरा शुरू की है। उन्होंने कहा कि बीसी का मतलब बैकवर्ड क्लास नहीं बल्कि हम उसे बैकबोन क्लास में तब्दील करके दिखाएंगे।

इसे भी पढ़ें:

तम्मिनेनी सीताराम सर्वसम्मति से चुने गये AP विधानसभा अध्यक्ष, YS जगन ने दी बधाई

उन्होंने बताया कि प्रजा संकल्प यात्रा के दौरान वाईएसआरसीपी ने बीसी डिक्लरेशन किया था, जिसके तहत गरीब और कमजोर तबकों को प्राथमिकता देते हुए पहली बार मंत्रिमंडल में करीब 60 फीसदी पद बीसी वर्ग को आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता, प्रशासन और विधानसभा में हमारी कमिटमेंट पर हम खरा उतर रहे हैं।

अगर ऐसा हुआ तो कर देंगे डिस्क्वालिफाई

उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू के पास 23 विधायक हैं और अगर उनमें से 5 लोगों को वाईएसआरसीपी में शामिल करेंगे, तो उन्हें नेता विपक्ष का दर्जा नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि वाईएसआरसीपी तभी टीडीपी के विधायकों को शामिल करेगी जब वे टीडीपी की सदस्यता और विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे। अगर बिना इस्तीफा दिए कोई विधायक दूसरी पार्टी में शामिल होता है, तो विधानसभा अध्यक्ष अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए उक्त विधायक को अयोग्य घोषित कर सकते हैं।