नई दिल्ली : आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू ने कहा है कि सरकार के मुख्य सचिव (सीएस) एलवी सुब्रमण्यम को प्रोसिजर फॉलो करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच बार कैबिनेट की बैठक कर चुके हैं। ऐसे में हमारी बैठक के आयोजन पर आपत्ति क्यों व्यक्त की जा रही है।

उन्होंने कहा कि किस एजेंडे पर चर्चा करना है, इसको लेकर हमारा रुख स्पष्ट है। बाबू ने परोक्ष रूप से सीएस से कहा कि अगर वह चुनाव आयोग की अनुमति लेना चाहते हैं, तो ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश में कैबिनेट की बैठक कब करना चाहिए, इसका फैसला सरकार लेती है और मुख्य चुनाव सचिव का काम उसके फैसले पर अमल करना है।

चंद्रबाबू ने कहा कि वह पहली बार मुख्यमंत्री नहीं बने हैं और ईवीएम मुद्दे पर सभी राजनीतिक दल ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 10, 12 और 13 मई को कैबिनेट की बैठक होने की संभावना है। गौरतलब है कि 50 फीसदी वीवीपैटों की गिनती की मांग करते हुए चंद्रबाबू

सहित अन्य राजनीतिक दल सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट का फैसला अपने पक्ष में नहीं आने से बाबू इस विषय पर चर्चा के लिए केंद्रीय चुनाव आयोग से मिले और आयोग से 50 फीसदी वीवीपैटों की गिनती करने की अपील की। बाद में चंद्रबाबू नायडू ने मीडिया से बात की।

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बाबू ने कहा कि ईवीएम पर समीक्षा याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। हम चुनाव आयोग से मिलकर उसे हमारी आपत्तियों से अवगत कराया है। वीवीपैटों की रैंडम स्तर पर 5 बूथों पर गिनती करने की बात कही गई है। लोकतंत्र में पारदर्शिता होनी चाहिए और उसपर लोगों को विश्वास भी होना चाहिए। आंध्र प्रदेश में कुछ पोलिंग बूथों पर ईवीएम काम नहीं किए। सुबह 4 बजे तक लोग वोट डालने के लिए कतारों में खड़े रहे। यह संघर्ष हमारे लिए नहीं बल्कि लोगों के लिए कर रहे हैं।