हैदराबाद : तेलुगु भाषी राज्यों के 7.82 करोड़ लोगों का आधार डाटा, वोटर आईडी सहित व्यक्तिगत जानकारी टीडीपी की ऐप सेवामित्र बनाने वाली आईटी ग्रिड्स कंपनी के पास होने को लेकर भारत सरकार के पूर्व सचिव ईएएस शर्मा ने केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (आईटी) को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने डाटा चोरी मामले में आरोपों का सामना कर रही आईटी ग्रिड्स के पास 7.82 करोड़ लोगों की व्यक्तिगत जानकारी होने को चिंताजनक बताया है।

उन्होंने आईटी मंत्रालय, यूआईडीएआई सहित चुनाव आयोग से आईटी ग्रिड्स के खिलाफ लगे आरोपों को गंभीरता से लेने की अपील की। आईटी ग्रिड्स की कार्रवाई के चलते यूआईडीएआई और भारतीय चुनाव आयोग के प्रति लोगों की विश्वसनीयता को ठेस पहुंचने को लेकर एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर का हवाला देते हुए उन्होंने यह चिंता व्यक्त की है।

उन्होंने कहा कि आईटी ग्रिड्स की यह कार्रवाई बिलकुल नागरिकों के व्यक्तिगत गोपनीयता का उल्लंघन है। उन्होंने निजी संस्था द्वारा डाटा चोरी के मामले पर यूआईडीएआई और चुनाव आयोग से तेलुगु भाषी लोगों को संतेषजनक विवरण देने को कहा है। उन्होंने यह भी कहा कि डाटा चोरी और आईटी ग्रिड्स की हरकातों पर यूआईडीएआई और चुनाव आयोग अपनी जिम्मेदारियों से नहीं बच सकते।

शर्मा ने पत्र में यह भी लिखा है कि यूआईडीएआई के चेयरमैन जे.सत्यनारायण और आंध्र प्रदेश सरकार की ई-गवर्नेन्स, आईटी के लिए वरिष्ठ सलाहकार के रूप में काम करने को लेकर इससे पहले उनके द्वारा लिखे गए पत्र को आईटी मंत्रालय ने अनदेखी की थी।

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उन्होंने कहा कि तेलुगु भाषी राज्यों के लोगों के व्यक्तिगत जानकारी चुराने वाले आईटी ग्रिड्स मामले में स्थानीय यूआईडीएआई अधिकारियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत करने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि यूआईडीएआई अधिकारियों के हस्तक्षेप के बिना आईटी ग्रिड्स द्वारा 7.82 करोड़ लोगों का आधार डाटा और वोटर आईटी जैसे डिजिटल रिकार्ड एकत्रित करना संभव नहीं है।

उन्होंने निजी कंपनी के साथ मिलीभगत करने वाले यूआईडीएआई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस मामले में इस पूरे मामले में राजनीतिक पार्टी का हस्तक्षेप की बात साबित होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि आईटी ग्रिड्स मामले में आईटी मंत्रालय सही कार्रवाई करने में विफल होता है तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।