हैदराबाद : अभिनेता पोसानी कृष्णमुरली ने एबीएन के प्रबंधक निदेशक राधाकृष्णा की कड़े शब्दों में आलोचना की। पोसानी ने गुरुवार को मीडिया से कहा, "मुझे मिले नोटिस पर येलो मीडिया में गलत समाचार प्रसारित और प्रकाशित किया गया है।

न्होंने कहा, ‘ एबीएन के राधाकृष्णा मानसिक बीमारी से ग्रस्त हैं। मेरे खिलाफ झूठी खबरें प्रसारित या प्रकाशित किया गया तो मैं बर्दाश्त नहीं करूंगा। मेरी कोई गलती है तो खुले आम बताये। मैं उसके लिए माफी मांगने के लिये तैयार हूं। आप मेरी आलोचना करने या गाली देने के बाद भी मैं मुस्कुराते हुए आगे बढ़ने के लिए मैं कोई वाईएस जगन मोह रेड्डी नहीं हूं।मेरा आपको एक सुझाव है कि इसके बाद एक अच्छे इज्जतदार व्यक्ति की तरह जीने की कोशिश करें।"

अभिनेता ने कहा, "भाई साहब राधाकृष्णा मैं आपका बहुत सम्मान करता हूं। गत दिनों आपने कहा था कि ‘अक्षर को हथियार बनाऊंगा’। अपने अक्षर को हथियार नहीं बनाया ठीक है, लेकिन अक्षर को वेश्या बनाकर मीडिया से व्यभिचार मत करें, क्योंकि इस समय आप मीडिया से व्यभिचार करवा रहे हैं। झूठ बोलने वालों को क्या कहा जाता है। झूठे, फरेबी, चोर और कुछ भी कहा जा सकता है। मीडिया का मतलब आप अकेले नहीं है। पत्रकारिता के लिए जान की बाजी लगाने वाले भी अनेक हैं। आपके हाथ में मीडिया है। आप कुछ भी लिख सकते हैं और कर सकते हैं। मुझे इसकी कोई चिंता नहीं है।"

पोसानी ने आगे कहा, "मगर मुझे मत छेड़िए। क्या मैंने किसी की जमीन पर कब्जा किया है? बैंकों या सरकारी संस्थाओं के साथ धोखा किया है? अगर मेरी कोई गलती है तो निडर होकर बता दें। मगर मेरे द्वारा नहीं कही हुई बातों को कहा करके लिखे तो मैं खामोश नहीं बैठूंगा। मैं गाली खाने वालों में से नहीं हूं। मुझ में भी शक्तिमान बसा है। आपकी झूठी जिंदगी आप जीए। फिर भी अब एक अच्छे इंसान की तरह जीने की कोशिश करें।”

वाईएस जगन की पदयात्रा में शामिल हुए अभिनेता पोसानी कृष्णा

अभिनेता ने कहा, “मीडिया का अर्थ भेदभाव करना नहीं है। मगर राधाकृष्णा सत्ता पक्ष का मित्र पक्ष बन गया है। राधाकृष्णा को चंद्रबाबू पसंद आये तो उनके तलवे चाट सकते हैं। परंतु मेरे द्वारा नहीं कही गई बातों को खबर बनाकर उसका प्रसार मत करें।

पोसानी ने कहा, “मेरे खिलाफ राधाकृष्ण ने क्यों झूठा समाचार लिखा है? मैंने लोगों की भलाई के लिए फिल्म बनाई है। निर्वाचन आयोग के समर्थन में फिल्म बनाई है। मुझे अच्छी तरह से याद है कि पिछले दिनों आपने अक्षर को हथियार बनाने की बात कही थी । अब अक्षर को हथियार नहीं बना पाए तो ठीक है, लेकिन अक्षर को वेश्या बनाकर मीडिया से व्यभिचार मत करवाएं।’