अमरावती : राज्य और केंद्र सरकार की दमन नीतियों का डाटकर सामना करते हुए आंध्र प्रदेश के विकास के लिए स्पेशल स्टेटस को एक संजीवनी बताकर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने अपना आंदोलन जारी रखा।

वाईएस जगन का पहले से यह कहना रहा कि एकीकृत आंध्र प्रदेश के विभाजन की वजह से नुकसान झेल चुके आंध्र प्रदेश के लिए स्पेशल स्टेटस एक संजीवनी है और हम उसे आंदोलन के जरिए ही हासिल कर सकते हैं। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए उन्होंने अपना आंदोलन से गली से दिल्ली तक चलाया।

राज्यभर में युवा भेरी कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को स्पेशल स्टेटस की जरूरत से अवगत कराया। चंद्रबाबू सरकार ने वाईएस जगन की इन कोशिशों को दबोचने का प्रयास तो किया, लेकिन सफल नहीं रही। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी इस बात को लोगों तक पहुंचाने में सफल रही कि चंद्रबाबू उनके खिलाफ दर्ज मामलों से बचने के लिए विशेष दर्जे की मांग केंद्र के पास गिरवी रखी है।

चंद्रबाबू ने स्पेशल पैकेज को स्पेशल स्टेट्स से बेहतर बताया, लेकिन वाईएस जगन ने लोगों को एकजुट कर अपना आंदोलन को कमजोर बनने नहीं दिया। आखिर में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सांसदों का इस्तीफा, एपी भवन में अनशन, केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का फैसला पूरे देश की राजनीति को बदल दिया।

एक जनसभा को संबोधित करते हुए वाईएस जगन 
एक जनसभा को संबोधित करते हुए वाईएस जगन 

वाईएस जगन लोगों को यह विश्वास दिलाने में सफल रहे कि स्पेशल स्टेट्स उनके लिए संजीवनी से कम नहीं है। इससे राज्य में दिनों-दिन वाईएस जगन की बढ़ती लोकप्रियता और जनसमर्थन को देख चंद्रबाबू नायडू डर गए। स्पेशल स्टेट्स की मांग को पांच वर्षों तक लगातार जीवित रखने वाले वाईएस जगन के पांच सालों के संघर्ष को हर गांव में याद किया जा रहा है।

एकीकृत आंध्र प्रदेश के विभाजन से लेकर...

वाईएस जगन एकीकृत आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद से ही स्पेशल स्टेट्स के लिए दिल्ली पर दबाव बनाते रहे हैं। केंद्र सरकार बनने के 9 महीने के भीतर यानि 30 मार्च 2015 को वाईएस जगन इस बाबत पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले। 10 माई 2017 को एक बार फिर प्रधानमंत्री से भेंट कर आंध्र प्रदेश के लिए स्पेशल स्टेट्स दिए जाने की अपील की। 11 जून 2015 को दिल्ली में केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली से और 26 अप्रैल 2016 को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिले वाईएस जगन ने केवल स्पेशल स्टेट्स की मांग की।

परंतु वाईएस जगन स्पेशल स्टेट्स के मामले में कोई कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर टीडीपी को अपनी मुट्ठी में रख चुकी राजग सरकार पर जमकर बरसे। वाईएस जगन के नेतृत्व में वाईएसआरसीपी का एक प्रतिनिधिमंडल तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से तीन बार ( 9 जून 2015, 23 फरवरी 2016 और 8 अगस्त 2016) को मिला और आंध्र प्रदेश को स्पेशल स्टेटस देने के लिए केंद्र को आदेश देने की मांग की।

स्पेशल स्टेट्स के लिए वाईएसआर कांग्रेस पार्टी निरंतर राज्यभर में धरने और आंदोलन चलाती रही है। राज्य के लोगों को स्पेशल स्टेट्स मिलने पर होने वाले फायदों को बारे में बता पाई। केंद्र व राज्य सरकार के सत्ता संभालने के 6 महीने में ही वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने 5 दिसंबर 2014 को सभी जिला कलेक्टरों पर धरने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलते हुए वाईएस जगन 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलते हुए वाईएस जगन 

विशाखापट्टणम में आयोजित धरने में खुद वाईएस जगन ने हिस्सा लिया। 3 जून 2015 को मंगलगिरी में दो दिवसीय अनशन किया गया और चंद्रबाबू के शासन पर बैलेट का आयोजन किया गया।

उसी वर्ष अगस्त में दिल्ली में पहली बार वाईएस जगन ने एक दिन का धरना दिया। 29 अगस्त को आहूत राज्यव्यापी बंद को लोगों से व्यापक समर्थम मिला। आंध्र प्रदेश के दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्य के लोगों की आकांक्षों को पहचानेंगे, यह सोचकर वाईएस जगन जान की परवाह किए बिना अक्टूबर 2015 में आमरण अनशन पर उतर गए, परंतु अनशन के सातवें दिन राज्य सरकार जबरन जगन को अस्पताल भेजकर उनक अनशन तोड़ दिया।

उसके बाद वाईएस जगन के आह्वान पर 17 से 21 अक्टूबर तक राज्यभर में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने क्रमिक अनशन किया। इस आंदोलन के दूसरे चरण के तहत 10 मई 2016 को सभी जिला कलेक्टरों के पास धरने आयोजित किए गए। काकीनाडा में आयोजित विरोध प्रदर्शन में खुद वाईएस जगन ने हिस्सा लिया। उसी वर्ष 2 अगस्त, 10 सितंबर को राज्यव्यापी बंद आयोजित किया गया।

स्पेशल स्टेटस के लिए सांसद पदों की कुर्बानी

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सांसदों मेकपाटी राजमोहन रेड्डी, वाईवी सुब्बारेड्डी, वरप्रसाद, वाईएस अविनाश रेड्डी, मिथुन रेड्डी तथा विजयसाई रेड्डी ने संसद में हुई चर्चा में स्पेशल स्टेटस की आवश्यकता पर अपनी बात रखी। 12 जून 2014 के राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रकट करने के लिए हुई चर्चा में भी स्पेशल स्टेटस की मांग उठाई।

16 फरवरी 2015 को बजट पर हुई चर्चा में भी पार्टी के सांसदों ने हिस्सा लिया। 23 जुलाई 2016 को आंध्र प्रदेश के लिए 15 वर्षों तक स्पेशल स्टेटस देने की मांग को लेकर सांसद वाईवी सुब्बारेड्डी ने लोकसभा में निजी बिल पेश किया। मार्च 2017 में फिर एक बार बिल पेश किया गया। 28 मार्च 2017 को एनआईटी, 30 मार्च को वित्तीय बिल, 6 अप्रैल को जीएसटी पर हुई चर्चा में भी स्पेशल स्टेट्स की मांग उठाई।

जुलाई में आयोजित सर्वदलीय बैठक में भी यही मुद्दा उठाया गया। आखिर में स्पेशल स्टेट्स नहीं देने वाली केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए वाईएसआर कांग्रेस के सांसदों ने अपने पदों से इस्तीफा दिया और एपी भवन में आमरण अनशन किया।

राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन...

उधर, चुनाव में भाजपा के साथ और इधर सरकार में राजग से हाथ मिला चुके चंद्रबाबू नायडू साढ़े चार साल तक निजी हितों पर ध्यान दिया। राज्य के लिए स्पेशल स्टेटस हासिल करने की दिशा में कोई पहल तक नहीं की। ऐसे में वाईएस जगन मार्च 2018 से एक सुनिश्चित योजना के तहत आगे बढ़े। कलेक्टरेटों का घेराव कर स्पेशल स्टेटस को लेकर लोगों में नया जोश भरा।

जगन के आह्वान पर 5 मार्च को दिल्ली में पार्टी कार्यकर्ताओं ने धरना दिया और जगन के निर्देश पर पार्टी के सांसदों ने 15 मार्च को केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया। स्पेशल स्टेटस हासिल करने में सहयोग के लिए जगन ने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को पत्र लिखा। सभी पार्टियों का समर्थन जुटाने के साथ स्पेशल स्टेटस के आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दे पाए।

सदन की कार्यवाही ठीक नहीं चलने के बहाने लोकसभा अध्यक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव नोटिस को खारिज कर दिया। 6 अप्रैल तक सही सिलसिला चलता रहा। हर दिन अविश्वास प्रस्ताव पेश करना और सभा में हंगामे का हवाला देकर स्पीकर उसे बार-बार स्थगित करते रहे। वाईएसआरसीपी के सांसदों ने कुल 13 बार अविश्वास प्रस्ताव के लिए नोटिस दिया। आखिर में चर्चा के बिना ही सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो जाने से नाराज वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सांसदों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।

जगन की बदौलत जीवित रही स्पेशल स्टेटस की मांग

वाईएस जगन कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि राज्य में नए उद्योगों की स्थापना, बेरोजगारी की समस्या खत्म करने, निवेशकों को आकर्षित करने लिए स्पेशल स्टेट्स आवश्यक है। इसके लिए उन्होंने आंदोलन भी किया है। स्पेशल स्टेटस की मांग आज भी जीवित है तो इसका श्रेय वाईएस जगन को जाता है।

आमरण अनशन के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए वाईएस जगन 
आमरण अनशन के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए वाईएस जगन 

स्पेशल स्टेट्स के लिए वाईएसआरसीपी के सांसदों ने अपने पदे से इस्तीफा दिया। दिल्ली में भूख हड़ताल की। टीडीपी, भाजपा और जन सेना ने स्पेशल पैकेज के नाम पर लोगों को धोखा दिया है। अगर आज चंद्रबाबू नायडू यू टर्न लेकर आंध्र प्रदेश के लिए स्पेशल स्टेट्स की मांग कर रहे हैं, तो इसकी वजह सिर्फ वाईएस जगन है। आंध्र प्रदेश को अगर स्पेशल स्टेट्स मिलना है तो वाईएसआर कांग्रेस पार्टी का सत्ता में आना आवश्यक है।(-पीवीजीडी प्रसाद रेड्डी, आंध्र विश्वाविद्यालय, विशाखापटनम)

चंद्रबाबू की बातों पर लोगों को भरोसा नहीं..

स्पेशल स्टेट्स के लिए पहले से केवल वाईएस जगन मोहन रेड्डी संघर्ष कर रहे हैं। अब और तब एक ही बात पर रहने वाले नेता हैं वाईएस जगन। स्पेशल स्टेट्स के लिए उन्होंने कई आंदोलन किए हैं। चंद्रबाबू ने स्पेशल स्टेट्स के बदले में स्पेशल पैकेज स्वीकार कर राज्य के लोगों के साथ अन्याय किया है। अब यू टर्न लेकर लोगों को फिर से गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। लोगों को अब चंद्रबाबू नायडू की बातों पर भरोसा नहीं है।

(-वलेटी श्रीनिवास राव, गंगवरम, इंकोल्लु मंडल, प्रकाशम जिला)

डिजाइन फोटो 
डिजाइन फोटो 

13.02.2018

स्पेशल स्टेट्स एक संजीवनी है। आखिरी सांस चलने तक उसके लिए संघर्ष करते रहेंगे। हमारे सांसद लोकसभा सीट से इस्तीफा देकर 6 अप्रैल को धरना देंगे। (श्री पोट्टी श्रीरामुलु नेल्लोर जिले के कनिगिरी में वाईएस जगन का एलान)

18.02.2018

वाईएस जगन ने प्रकाशम जिले के कंदुकुरु में अपनी प्रजा संकल्प यात्रा के दौरान कहा था कि स्पेशल स्टेट्स से राज्य की भलाई होगी, इसीलिए वाईएसआर कांग्रेस पार्टी केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए तैयार है।

31.03.2018

संसद की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो जाने के तुरंत बाद हमारे सांसद अपने पदों से इस्तीफा दे देंगे। उसके बाद एपी भवन जाएंगे और वहां अमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। सांसदों के समर्थन में विद्यार्थियों व युवकों को आगे आना चाहिए। विद्यार्थियों को कॉलेजों में ही क्रमिक अनशन शुरू करना चाहिए( वाईएस जगन ने गुंटूर जिले के पेरेचर्ला में प्रजा संकल्प यात्रा के दौरान यह आह्वान किया था)