पुलिवेंदुला : वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि उनके चाचा वाईएस विवेकानंद रेड्डी की हत्या एक नृशंस राजनीतिक हत्या है। उन्होंने कहा कि एक करीब 35 साल का राजनीतिक अनुभव वाले एक पूर्व सांसद नेता की इस तरह घर में घुसकर निर्मम हत्या करना, कुल्हाड़ियों से बेरहमी से हत्या करना बहुत ही दुर्भाग्य की बात है।

उन्होंने कहा कि उनकी आयु और उनकी छवि देखकर स्पष्ट होता है कि वे कितने सीधे-सादे इंसान थे। वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने बताया कि पुलिस विवेकानंद रेड्डी के कार चालक के नाम एक पत्र दिखाते हुए कह रही है कि विवेकानंद रेड्डी को पहले खून की उल्टी हुई और जब वह अपना मुंह धोने बाथरूम में पहुंचे, तो उनमें खून की कमी के कारण बेहोश होकर गिर गए और वहीं पर उनकी मौत हो गई।

सच तो यह है कि बेडरुम में कुल्हाड़ियों से हमला कर वाईएस विवेकानंद रेड्डी की हत्या की गई और बाद में शव को बाथरूम में जाकर रख दिया, ताकि लोगों को गुमराह कर सके। उन्होंने कहा कि वाईएसआर के परिवार के सदस्यों पर जब भी हमले हुए हैं, तब राज्य के मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू ही रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके परिवार पर लगातार हमले होते रहे हैं।

उन्होंने कहा, 'मेरे पिता डॉ.वाईएस राजशेखर रेड्डी को रोकने के लिए उनके दादा राजा रेड्डी की हत्या की गई। दादा राजा रेड्डी की जब हत्या हुई थी, तब राज्य के मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू थे। पिता वाईएस राजशेखर रेड्डी के हेलीकाप्टर हादसे से ठीक दो दिन पहले चंद्रबाबू ने पिताजी को विधानसभा पहुंच कर दिखाने की चुनौती दी थी।

उसके बाद हवाई हड्डे पर मेरी हत्या करने की कोशिश की। हमारे परिवार पर हुए सभी हमलों में चंद्रबाबू नायडू की भूमिका, साजिश है। इसलिए हत्या की जांच सीबीआई से कराने पर ही न्याय मिलेगा।' उन्होंने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि इस मामले में दोषियों को भगवान जरूर सजा देंगे।