हैदराबाद। देशभर में लोकसभा चुनाव खत्म हो चुका है। इस बार राज्य में वाईएसआरसीपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। आंध्र प्रदेश की तिरुपति लोकसभा सीट पर वाईएसआरसीपी के कैंडिडेट बाली दुर्गा प्रसाद राव ने जीत दर्ज की है। उन्होंने टीडीपी की पनबाका लक्ष्मी को मात दिया है। दुर्गा प्रसाद राव ने लक्ष्मी को 228376 वोटों से हराया है।

साल 2014 मेें भी वाईएसआरसीपी के खाते में आई थी यह सीट

साल 2014 में आंध्र प्रदेश के तिरुपति संसदीय क्षेत्र सेवाराप्रसाद राव वेलागापल्ली सांसद चुने गए थे । ये वाईएसआर कांग्रेस से चुनकर लोकसभा पहुंचे हैं। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में इन्होंने बीजपी के प्रत्याशी के. जयराम को बेहद नजदीकी मुकाबले में 37,425 वोटों के अंतर से हराया था। इस चुनाव में दूसरे नंबर पर भाजपा, तीसरे पर कांग्रेस, चौथे नंबर पर कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया एम(सीपीएम) और पांचवे नंबर पर एआरपीएस रही। इस चुनाव में 8,690 लोगों ने नोटा पर मुहर लगाई थी।

तिरुपति आंध्र प्रदेश के चित्तू जिले का एक शहर है। यह न केवल आंध्र प्रदेश की आध्यात्मिक राजधानी है, बल्कि हिंदुओं के लिए भारत के सबसे पवित्र स्थानों में से एक है। समुद्र तल से 3200 फीट ऊंचाई पर स्थिम तिरुमला की पहाड़ियों पर बना श्री वैंकटेश्‍वर स्वामी मंदिर यहां का सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र है। कई शताब्दी पूर्व बना यह मंदिर दक्षिण भारतीय वास्तुकला और शिल्प कला का अदभूत उदाहरण है।

तमिल के संगम साहित्य में तिरुपति को त्रिवेंगदम कहा गया है। तिरुपति के इतिहास को लेकर इतिहासकारों में मतभेद हैं। लेकिन यह स्पष्ट है कि 5वीं शताब्दी तक यह एक प्रमुख धार्मिक केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका था। कहा जाता है कि चोल, होयसल और विजयनगर के राजाओं का आर्थिक रूप से इस मंदिर के निर्माण में खास योगदान था।

तिरुपति लोकसभा सीट के राजनीतिक पृष्ठभूमी

तिरुपति लोकसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। इस सीट पर शुरू से ही कांग्रेस का वर्चस्व रहा है। कांग्रेस के पास यह सीट 12 बार रही है। यह आंध्र प्रदेश के उन चुनिंदा लोकसभा सीटों में से एक है जहां टीडीपी के अस्तित्व में आने के बाद भी कांग्रेस पर कोई असर नहीं हुआ।

तिरुपति लोकसभा सीट के अंतर्गत सात विधानसभा क्षेत्र आते हैं। ये हैं सर्वपल्ली, गुदुर, सुल्लुरपेटा, वेंकटगिरी ,तिरुपति, श्रीकालाहस्ती, सतेवदु हैं। इनमें से गुदुर, सुल्लुरपेटा और सतेवदु विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।

तिरुपति लोकसभा सीट पर पहला आम चुनाव 1952 में हुआ था। इस चुनाव में कांग्रेस के एमए अयंनगर को जीत मिली और वो सांसद चुने गए। साल 1962 और 1967 के आम चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर सी दास को जीत मिली।

साल 1971 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के थम्बुरु बालकृष्णा को जीत मिली। उन्होंने इस सीट पर जीत की हैट्रिक लगाई और 1984 तक सांसद रहे। 1984 के लोकसभा चुनाव में तेलगुदेशम पार्टी के चिन्ता मोहन को जीत मिली। साल 1989 लोकसभा चुनाव में भी चिन्ता मोहन ने तेलगुदेशम पार्टी के टिकट पर जीता और सांसद बने।

साल 1996 में कांग्रेस के एन सुब्रमन्यम ने इस सीट पर चुनाव जीता और सांसद चुने गए। वहीं चिंता मोहन साल 1998 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर सांसद बने। साल 1999 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को पहली बार इस सीट पर जीत मिली। लेकिन 2004 में कांग्रेस ने वापसी की और चिंता मोहन एक बार फिर से सांसद चुने गए। 2009 का चुनाव भी चिंता मोहन ने कांग्रेस के टिकट पर लड़ा और सांसद बने। हालांकि 2014 में इस सीट पर वाईएसआर कांग्रेस ने अपना कब्जा कर लिया।

वाराप्रसाद राव वेलागापल्ली ( फोटो सोशल मीडिया सौजन्य)
वाराप्रसाद राव वेलागापल्ली ( फोटो सोशल मीडिया सौजन्य)

वाराप्रसाद राव वेलागापल्ली का रिपोर्ट कार्ड

तिरुपति लोकसभा सीट से वाईएसआर कांग्रेस के सांसद वाराप्रसाद राव वेलागापल्ली के दिसंबर 2018 तक तक लोकसभा के कार्यकाल की बात की जाए तो उनकी लोकसभा में उपस्थिति 82 फीसदी रही। लोकसभा में दिसंबर 2018 तक उन्होंने कोई सवाल लोकसभा में नहीं पूछा है। हांलाकि सदन की 59 बहसों में उन्होंने हिस्सा लिया। 65 साल के वाराप्रसाद राव वेलागापल्ली सिविल सेवा से रियाटर्ड हैं।

तिरुपति से लोकसभा सांसद वाराप्रसाद राव वेलागापल्ली सिविल सेवा से रियाटर्ड हैं। उन्हें डॉक्टरेट की उपाधि मिली हुई है। उन्होंने केंद्र द्वारा प्रदत्त राशि में से 20.37 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च किए हैं।

2014 का जनादेश

कांग्रेस का किला माने जाने वाले तिरुपति लोकसभा सीट पर 2014 में वाईएसआर कांग्रेस ने जीत दर्ज की। वर्तमान सांसद और वाईएसआर कांग्रेस नेता वाराप्रसाद राव वेलागापल्ली ने 2014 में बीजेपी उम्मीदवार के के जयराम को 37,425 वोटों के अंतर से हराया। 12 बार इस सीट को पा चुकी कांग्रेस इस चुनाव में तीसरे तीसरे पर रही। वहीं, चौथे नंबर पर प्रदेश में अपने वजूद की लड़ाई लड़ रही कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया एम (सीपीआईएम) रही। इस सीट पर वाईएसआर कांग्रेस को 47.84 फीसदी, बीजेपी को 44.71 फीसदी और कांग्रेस को महज 2.75 फीसदी वोट मिले।

तिरुपति लोकसभा सीट की प्रमुख बातें

साल 2014 में तिरुपति लोकसभा सीट पर 77 फीसदी मतदान हुआ। इस चुनाव में 12,13,064 लोगों ने वोट दिया। पुरुष मतदाताओं की संख्या 6,04,834 और महिला मतदाताओं की संख्या 6,08,230 रही। कुल मतदाताओं की संख्या 15,74,544 है। पुरुष मतदाताओं की संख्या 7,78,778 है और महिला मतदाताओं की संख्या 7,95,766 है।

तिरुपति लोकसभा सीट की कुल जनसंख्या की बात करें तो वो करीब 21,54,860है। ग्रामीण आबादी 67.07 फीसदी और शहरी आबादी 32.93 फीसदी है अनुसूचित जाति 25.09 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति 9.45 फीसदी है।

तिरुपति लोकसभा सीट के इतिहास की बात की जाए तो कांग्रेस ने यहां से सर्वाधिक 12 बार जीत हासिल की है। टीडीपी, वाईएसआर कांग्रेस और भाजपा को एक बार जीत मिली है।अब देखना होगा कि जनता लोकसभा 2019 के चुनाव में किस पार्टी पर भरोसा जताती है।