देशभर में लोकसभा चुनाव खत्म हो चुका है। इस बार राज्य में वाईएसआरसीपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। आंध्र प्रदेश की अनंतपुर लोकसभा सीट पर भी वाईएसआरसीपी के खाते में रही। यहां से पार्टी ने अपना उम्मीदवार तनाली रंगैय्या को बनाया था। उनका मुकाबला टीडीपी के जे. सी. पवनरेड्डी से था। रंगैय्या ने रेड्डी को 1,41,428 वोटों से शिकस्त दी।

प्रमुख तीर्थस्थलों का संगम

अनंतपुर जिले में अनेक हिन्दू तीर्थस्थल हैं। यहां के कदिरी शहर में लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर है। यहां लेपाक्षी के नाम से सबसे बड़ी एकशिला मूर्ति है। ताड़ीपत्री, पुट्टपर्ति. पेनुकोंडा, उरवकोंडा और रेशम की साड़ियों के लिए मशहूर धर्मावरम भी इसी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

2011 की जनगणना के मुताबिक यहां कुल 40,83,315 जनसंख्या है और यहां के करीब 71.93 लोग ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं, जबकि 28.07 फीसदी लोग शहरों में बसे हैं। यहां 63.57 फीसदी साक्षरता दर है। यहां तेलुगु, उर्दू, कन्नड़ और अंग्रेजी यहां की मुख्य भाषाएं हैं।अनंतपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में कुल 15,36,912 मतदाता हैं, जिनमें 7,75,509 पुरुष और 7,61,403 महिलाएं हैं।

अनंतपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत रायदुर्ग, उरवकोंडा, गुंतकल, ताड़पत्री, अनंतपुर नगर और कल्याणदुर्ग विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं।

राजनीतिक दृष्टि से अनंतपुर का लंबा इतिहास रहा है। अभिनेता से राजनेता बने स्व. एनटी रामाराव हिन्दुपुरम विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़कर ही मुख्यमंत्री बने थे। बाद में उनके पुत्र नंदमूरी हरिकृष्णा ने हिन्दुपुरम से जीतकर श्रममंत्री बने। 2014 के विधानसभा चुनाव में अभिनेता नंदमूरी बालाकृष्णा इसी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। नीलम संजीव रेड्डी भी इसी निर्वाचन क्षेत्र से जीतकर देश के राष्ट्रपति और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।

माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नादेड्ला, सत्य साई बाबा, फिल्म निर्देशक कदिरी वेंकट रेड्डी, मशहूर नाटककार बल्लारी राघव भी इसी क्षेत्र से जुड़ी हस्तियों में शामिल हैं। अनंतपुर में तेलुगु टेशम पार्टी का दबतबा रहा है। 1952 से यहां टीडीपी 12 बार जीत चुकी है। 74 वर्षीय जे.सी. दिवाकर रेड्डी यहां के मौजूदा सांसद हैं।

जे.सी. दिवाकर रेड्डी 
जे.सी. दिवाकर रेड्डी 

2014 के विधानसभा चुनाव में अनंतपुल लोकसभा सीट से तेलुगु देशम पार्टी के उम्मीदवार जे.सी. दिवाकर रेड्डी सांसद निर्वाचित हुए थे। इस चुनाव में उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार अनंत वेंकटरामी रेड्डी को 61,991 वोटों से हराया था। 2014 के चुनाव से पहले जहां जे.सी.दिवाकर रेड्डी कांग्रेस छोड़कर टीडीपी में शामिल हुए थे, वहीं अनंत वेंकटरामी रेड्डी कांग्रेस छोड़कर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए थे। इन चुनाव में जेसी दिवाकर रेड्डी को 610288 वोट मिले थे, जबकि अनंत वेंकटरामी रेड्डी को 548297 वोट मिले थे। इस सीट से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ने वाले अनिल चौधरी के 16719 वोटों के साथ डिपॉजिट जब्त हुआ था।

राजनीतिक स्थिति

अनंतपुर लोकसभा सीट से अब तक कुल 16 बार चुनाव हुए, जिनमें कांग्रेस ने पांच पांच बार, कांग्रेस (आई) सात बार, एक बार भाकपा और तीन बार टीडीपी शामिल हैं। इस सीट से अनंत वेंकटरामी रेड्डी चार बार विजयी रहे, जबकि अंदोनी रेड्डी, डी. पुल्लय्या और अनंत वेंकट रेड्डी दो-दो बार चुनाव जीते। 2014 में पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए जे.सी. दिवाकर रेड्डी इससे पहले एकीकृत आंध्र प्रदेश में मंत्री रह चुके हैं।

1971 में यहां से चुनाव लड़ने वाले नीलम संजीव रेड्डी चुनाव हार गए। इस सीट से रेड्डी समुदाय के नेता पांच बार और चार बार कम्मा समुदाय के नेताओं की जीत हुई। एक बार बीसी और एक अल्पसंख्यक नेता भी यहां से विजयी रहे।

अनंतपुर लोकसभा सीट पर जीत दर्ज करने वाले नेता इस प्रकार हैं।

1952 में पहली बार इस निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार पैडी लक्ष्मय्या विजयी रहे और उन्होंने यहां से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वि निर्दलीय उम्मीदवार पी.बी. रेड्डी को 9000 मतों से हराया था।

1957 में भाकपा के टी. नागीरेड्डी ने कांग्रेस के उम्मीदवार पैडी लक्ष्मय्या को 10801 वोटों से हराया।

1962 में कांग्रेस के ओ.ए. खान ने भाकपा के आई. सदाशिवन को 24868 वोटों से हराया।

1967 में कांग्रेस के उम्मीदवार पी. अंधोनी रेड्डी ने भाकपा के उम्मीदवार आई. सदाशिवन को 62614 वोटों से हराया

1971 में कांग्रेस के पी. अंधोनी रेड्डी ने एनसीओ के उम्मीदवार नीलम संजीव रेड्डी को 89057 वोट से हराया

1977 में कांग्रेस के डी. पुल्लय्या ने बीएलडी के डी. नारायण स्वामी को 42208 से वोट से हराया

1980 कांग्रेस(आई) के उम्मीदवार डी. पुल्लय्या ने जनता पार्टी के डी. नारायण स्वामी को 73227 वोट से हराया

1984 में टीडीपी के डी. नारायण स्वामी ने कांग्रेस के उम्मीदवार दरूर पुल्लय्या को 108649 वोट से हराया

1989 में कांग्रेस के अनंत वेंकट रेड्डी ने टीडीपी के जी. रामन्ना चौधरी को 59482 वोट से हराया था

1991 में कांग्रेस के अनंत वेंकट रेड्डी ने टीडीपी के बी.टी.एल.एन. चौधरी को 162284 वोट से हराया

1996 में कांग्रेस के उम्मीदवार अनंत वेंकटरामी रेड्डी ने भाकपा के आर. रंगप्पा को 78859 वोट से हराया

1998 में टीडीपी के अनंत वेंकटरामी रेड्डी ने भाकपा के के. रामकृष्णा को 82398 वोट से हराया

1999 में टीडीपी के उम्मीदवार कालुवा श्रीनिवासुलू ने कांग्रेस के अनंत वेंकटरामी रेड्डी को 21102 वोट से हराया

2004 में कांग्रेस के अनंत वेंकटरेड्डी ने टीडीपी के कालुवा श्रीनिवासुलू को 71421 वोट से हराया

2009 में अनंत वेंकरामी रेड्डी ने टीडीपी के कालुवा श्रीनिवासुलू को 77921 वोट से हराया

2014 में टीडीपी के जे.सी.दिवाकर रेड्डी ने वाईएसआर कांग्रस पार्टी के उम्मीदवार अनंत वेंकटरामी रेड्डी को 61991 वोट से हराया था।