हैदराबाद : आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्जे के बदले विशेष पैकेज स्वीकार कर चुके राज्य के मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू ने विशेष दर्जे की मांग को लेकर पिछले साढ़े चार साल से लगातार अनशन सहित अन्य आंदोलन कार्यक्रमों में जुटे नेता प्रतिपक्ष और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सुप्रीमो वाईएस जगन मोहन रेड्डी की बढ़ती लोकप्रियता और मिलते जनसमर्थन को देखकर एक बार फिर से विशेष दर्जे की मांग उठा रहे हैं।

विशेष दर्जे के लिए आंदोलन कर रहे वाईएसआर कांग्रेस के नेताओं को गिरफ्तार करवा चुके चंद्रबाबू नायडू ने स्पेशल पैकेज के समर्थन में विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने के साथ केंद्र की भाजपा सरकार की भूरी-भूरी प्रशंसा कर अब उसी मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है। यही नहीं, मोदी सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने के लिए बाबू देशभर के विपक्षी दलों मुख्य रूप से अपने कट्टर दुश्मन कांग्रेस पार्टी से हाथ मिला चुके हैं।

विशेष दर्जे के लिए धर्म पोराट दीक्षा के नाम पर चंद्रबाबू नायडू और उनके साथी जनता को करोड़ों रुपये बर्बाद करने पर तुले हैं। बाबू ने पिछले दिनों दिल्ली में एक दिवसीय अनशन 'धर्म पोराट दीक्षा' के आयोजन के लिए कुल चंद घंटो में करोड़ों रुपये खर्क कर डाले।

दूसरी तरफ, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सुप्रीमो वाईएस जगन मोहन रेड्डी एकीकृत आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद से शेष आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा बेहद जरूरी बताते हुए समय-समय पर इसके लिए आंदोलन करते रहे हैं। यही नहीं, इस बाबत राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन तक सौंप चुके हैं।

यही नहीं, वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने करीब 14 महीने तक राज्यभर में करीब 3600 किलो मीटर लंबी पदयत्रा कर लोगों को विशेष दर्जे के महत्व से अवगत कराने के अलावा लोगों की समस्याओं को करीब से जानते हुए सत्ता में आने पर उनकी समस्याओं को सुलझाने का वादा किया है।

इसे भी पढ़ें :

चंद्रबाबू नायडू ने विशेष राज्य के दर्जे को लेकर लिया ‘यू’ टर्न: सुधीश रामभट्ला

एक तरफ चुनाव के करीब आने और दूसरी तरफ राज्य में वाईएस जगन के प्रति तेजी से बढ़ते जनसमर्थन तथा बड़ी संख्या में नेताओं का टीडीपी छोड़कर वाईएसआर कांग्रेस में शामिल होते देख घबरा कर अब फिर से विशेष राज्य की मांग का ड्रामा कर रहे हैं।