श्रीकाकुलम : आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ टीडीपी के नेताओं ने सर्वे के नाम पर वोटर लिस्ट से विपक्षी दल के समर्थकों के वोट हटाने का काम एक फिर से शुरू किया है। सर्वे के नाम पर युवाओं को वाईएसआर कांग्रेस पार्टी मजबूत रहने वाले गांवों में बुलाकर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अनुकूल रहे लोगों के वोट हटाए जा रहे हैं।

गांव वालों ने जब इस सर्वे के मूल कारण जानने की कोशिश की, तो पता चला कि गुंटूर जिले के 'पब्लिक पॉलसी रिसर्च ग्रुप' के नाम पर बी.टेक के छात्र पी. दास (कर्नूल), के. विजय कुमार (अनंतपुर). के. रोसीरेड्डी (ओंगोल), के. विनोद, एस.के. फिरोद, बी. अय्यप्पा (गुंटूर) इच्छापुरम मंडल के हरिहरपुरम गांव में घर-घर जाकर वोटरों की जानकारी हासिल कर रहे थे।

इस दौरान ये लोग किस घर के लोग किस पार्टी से जुड़े हैं, चुनाव में किस पार्टी को वोट देंगे ऐसे सवाल पूछते हुए उनके आधार कार्ड और फोन नंबर आदि जानकारी अपने पास मौजूद टैब में रिकार्ड कर रहे थे। युवकों की व्यवहारशैली पर शक हुआ। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के स्थानीय नेता वड्डिना तेजा और नगरपालिका से जुड़े काल्ला भानू ने सर्वे कर रहे युवाकों को पकड़ कर इच्छापुरम रूरल पुलिस थाने भेज दिया।

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पुलिस की पूछताछ में युवकों ने बताया कि वे सभी पब्लिक पॉलसी रिसर्च संस्था की तरफ से राजनीतिक सर्वे के लिए इच्छापुरम निर्वाचन क्षेत्र में आए हैं। इस काम के लिए उन्हें प्रति दिन प्रत्येक व्यक्ति को 800 रुपए दिए जाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वे सभी इच्छापुरम में एक लॉज में रहकर सर्वे कर रहे हैं।