दर्शी टाउन : हेरीटेज कंपनी में कार्यरत एक डिस्ट्रिब्यूटर के आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। मृत व्यक्ति ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि कंपनी द्वारा अकारण हटाए जाने से वह कर्ज में डूब गया और इसी वजह से उसे आत्महत्या करना पड़ रहा है।

प्रकाशम जिले के मुंड्लामुरू मंडल के पोलवर निवासी गंगीनेनी हरिबाबू (48) 2012 में हेरीटेज कंपनी के दूध उससे संबंधित पदार्थों सी एंड एफ (कैरिइंग एंड फारवर्डिंग) डिस्ट्रिब्यूटर के तौर पर भर्ती हुआ था। इसके लिए उसने 2.8 लाख रुपये भी डिपॉजिट किए थे। हरिबाबू ओंगोल में दूध सहित अन्य पदार्थ एजेंटों को सप्लाई किया करता था।

अतिरिक्त डिपॉजिट का भुगतान नहीं करने आदि कारणों का हवाला देते हुए कंपनी ने गत 5 जनवरी को एक मेल भेजकर हरिबाबू को सूचना दी कि उसे दुग्ध पदार्थों की आपूर्ति रोकी जा रही है। कंपनी के बड़े लोगों के सामने गिड़गिड़ाने के बावजूद कोई लाभ नहीं मिला, तो अगले ही दिन उसने नारा भुवनेश्वरी और ब्राह्णमी को एक पत्र लिखा, जिसमें दुग्ध उत्पादनों की आपूर्ति रोक देने से उसे बड़ा नुकसान होने का हवाला दिया। उसने अन्य कंपनियों की तुलना में हेरीटेज में कम रेमुनरेशन देने के बावजूद टीडीपी के प्रति सहानुभूति की वजह से काम करने की बात भी कही।

परंतु अपने उस पत्र को लेकर कंपनी की तरफ से कोई जवाब नहीं मिलने से हरीबाबू हताश हो गया। ग्राहकों की तरफ से बकाया राशि नहीं मिलने और कंपनी की तरफ से डिपॉजिट राशि नहीं लौटाए जाने के कारण उसका घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है और उसके पास अब सिर्फ आत्महत्या का रास्ता बचा है। सुसाइड नोट में उसने यह भी बताया कि कंपनी से हटाए जाने के बाद हुए कर्ज चुकाने के लिए उसे अपनी तीन एकड़ जमीन तक बेचनी पड़ी।

इसे भी पढ़ें :

GST में हेराफेरी कर रहे हेरिटेज और रतनदीप के खिलाफ मामला दर्ज

इसी क्रम में गत शनिवार को वह अपने पैतृक गांव पहुंचा, लेकिन रविवार सुबह घर के सामने बेहोशी की हालत में पड़ा दिखा। रिश्तेदार उसे तुरंत अद्दंकि स्थित अस्पताल ले गये, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

घटनास्थल से बरामद सबूतों के आधार पर पुलिस का कहना है कि उसने कीटनाशक मिला शराब पीकर आत्महत्या की होगी। मृत व्यक्ति की पत्नी और दो बच्चे हैं। हालांकि इस संबंध में पुलिस को किसी तरह की शिकायत नहीं मिली है।