तिरुपति : आंध्र प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सुप्रीमो वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने कलियुग के भगवान बालाजी को साक्ष्य मानते हुए बुधवार को राज्य में आम चुनाव के लिए प्रचार का शंखनाद किया।

जगन रेणीगुंटा के निकट स्थित योगानंद इंजीनियरिंग कॉलेज मैदान में आयोजित जनसभा 'समर शंखरावम' में बोल रहे थे। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आगामी आम चुनाव में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की जीत के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा, 'आपने पिछले 9 सालों से मेरे लिए काफी मेहनत की है। आपको हुआ हर घाव मेरे दिल को लगने जैसा है। आप सभी के सुख-दर्द में मैं साथ रहूंगा। राजनीतिक और सामाजिक रूप से सहायता करूंगा। बहुत गर्व के साथ कह रहा हूं आप सभी मेरे परिवार के सदस्य ही हैं। हमारी सरकार बनने के बाद सभी कल्याण योजनाएं लागू करेंगे।

उन योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में आपकी जिम्मेदारी अहम होगी। इंसाफ और ना इंसाफी के बीच चुनाव होने जा रहे हैं। जल्द ही चुनाव अधिसूचना आने वाली है। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी को सत्ता में लाने के लिए आप सभी को जिम्मेदारी लेनी होगी।'

'कई जगहों पर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के समर्थकों को वोट सूची से हटाए जा रहे हैं। 59 लाख फर्जी नोट दर्ज करवाए गए हैं। एलो मीडिया की मदद से फर्जी सर्वे कराए जा रहे हैं। चंद्रबाबू के शासन में लोग विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। चंद्रबाबू सरकार में कई गांवों में कल्याण योजनाओं पर अमल नहीं हो रहा है।

चुनाव के करीब आते ही पुलिस से गुंडागर्दी करवाई जा रही है। अगले चुनाव धर्म और अधर्म, विश्वसनीयता और धोखेबाजी, विश्वास और धन के बीच होंगे। 2014 में चंद्रबाबू ने राज्य के लोगों को पहली फिल्म दिखाई थी। गत चुनाव में चंद्रबाबू के चुनाव प्रचार को याद कर लीजिए। नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर चंद्रबाबू ने प्रचार किया था और कहा था कि वे आ रहे हैं और सभी काम दो महीने में पूरे हो जाएंगे।

युवाओं के लिए अगर जॉब जरूरी है तो सरकार में बाबू का आना जरूरी बताया गया। कृषि ऋण माफ करने का भरोसा दिया गया। 5 हजार करोड़ से दरों का स्थिरिकरण कोष बताया था। ड्वाक्रा ऋण माफ करने और बेल्ट शॉप्स बंद करने का भी आश्वासन दिया था।

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बहनों द्वारा गिरवी रखा गया सोना एक महीने के भीतर घर लौटाने की बात कही थी। केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा, गरीबों के लिए मकान का भी भरोसा दिया। अनुबंध कर्मचारियों को स्थाई बनाने के डायलॉग मारे। विशेष दर्जा पांच नहीं 10 नहीं, बल्कि पूरे 15 साल तक दिलवाने का आश्वासन दिया। विशेष दर्जा हासिल करने के ड्रामा करते हुए आखिर में चुनाव से ठीक छह महीने पहले चंद्रबाबू ने काला शर्ट पहना। इस मैनिफेस्टो में हर जाति के लिए एक पन्ना आवंटित कर धोखा दिया है।

उसी तरह, अब पसपु-कुंकम के नाम गर ड्रामा कर रहे हैं। बाबू के शासन में लोग कई मुश्किलों से गुजर रहे हैं। चंद्रबाबू सरकार के अधिकांश गांवों में योजनाएं लागू नहीं हो रही हैं। चुनाव करीब आते ही पुलिस से गुंडागर्दी करवा रहे हैं। इस एलो मीडिया के बारे में कुछ कहने की जरूरत नहीं है।