इच्छापुरम : आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के इच्छापुरम में आंध्र प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि प्रजा संकल्प यात्रा के दौरान उन्होंने लोगों के दिलों की धड़कनें सुनी और उन्हें अपने दिल की धड़कनों में तब्दील कर लिया है।

उन्होंने कहा, 'पिछले 14 महीनों में मैं भले ही 3,648 किलो मीटर लंबा पैदला चला हूं, लेकिन उसे चलाने वाले तो राज्य के लोग और उनका प्यार है। पिछले 14 महीनों से राज्यभर के 13 जिलों से गुजरी प्रजा संकल्प यात्रा के दौरान लोगों से मिले जनसमर्थन, प्यार और आदर से गदगद वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने सिर झुककार लोगों का आभार व्यक्त किया। पदयात्रा में की लोगों से मिले हैं। यह जरूरी नहीं है कि पदयात्रा कितने किलो मीटर चली, जरूरी है इस पदयात्रा में कितने लोगों से मिले और उन्हें कितने आश्वासन दिए हैं।

बाबू के आते ही राज्य में पड़ा सूखा

उन्होंने कहा कि पदयात्रा के दौरान अपने अनुभव को इस सभा के जरिए राज्य के लोगों के साथ साझा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू नायडू के साढ़े चार साल के शासन में आंध्र प्रदेश में बदहाली, भ्रष्टाचार, तानाशाही, सूखा, तूफान से तबाही और चंद्रबाबू की लूट देखने को मिली है।

जगन ने पदयात्रा के दौरान उनके नजर में आई एक घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनकी पदयात्रा जब राज्य के अनंतपुर जिले में चल रही थी, तब शिवन्ना नामक किसान उनसे मिला और बताया कि उसने अपने खेत में मूंग फली की फसल बोई है। जब उससे फसल के बारे में पूछने पर उसने बताया कि बाबू के सत्ता में आने से राज्य में सूखा जरूर आया है। चंद्रबाबू नायडू जब अनंतपुर जिले के दौरे पर आए थे, तब उनसे मदद मांगी गई।

सूखे के कारण फसलों के सूखने की शिकायत करने पर बाबू ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा ' क्या राज्य में सूखा पड़ा है।' चंद्रबाबू के शासन में खेती का दायरा किस तरह घटा है, इसके बारे में शिवन्ना ने बताया। सरकार रेन गनों से किसानों को किस तरह गुमराह कर चुकी है, इस बारे में शिवन्ना विस्तार से बताया। इसिलिए लोग चंद्रबाबू पर विश्वास करने से इनकार कर रहे हैं।

बेंगलुरु में कॉफी... तो चेन्नई में इडली-सांबर

जगन ने कहा, 'राज्य में किसानों की स्थिति गंभीर बनी हुई है, लेकिन चंद्रबाबू राजनीति को जरूरी बता रहे हैं। राष्ट्रीय राजनीति के बहाने चंद्रबाबू बेंगलुरु जाकर कुमारस्वामी के साथ कॉफी की चुस्की लेते हैं, लेकिन उन्हें कर्नाटक के पड़ोस में स्थित अनंतपुर लिजे के किसानो की बदहाली नहीं दिखती।

दूसरी तरफ, चंद्रबाबू चेन्नई जाकर स्टालिन के साथ मिलकर इडली-सांबर खाते हैं, लेकिन उन्हें बगल में स्थित अपने गृह जिला चित्तूर में किसानों की बदहाली की चिंता नहीं है। हवाई जहाज का भाड़ा सरकार देती है, इसलिए बाबू पश्चिम बंगाल जाते हैं और वहां की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलते हैं, लेकिन कभी राज्य में किसानों की बदहाली पर नजर नहीं डालते।

वाईएसआर के शासनकाल में आंध्र प्रदेश में 42.70 लाख हैक्टर में खेती होती थी, लेकिन चंद्रबाबू के शासनकाल में खेती का दायरा घटकर 40 लाख हैक्टर तक पहुंच गया है। इसीलिए आंध्र प्रदेश में लोग चंद्रबाबू पर भरोसा नहीं करने की बात सरेआम कहते दिख रहे हैं।

नाबार्ड रिपोर्ट के मुताबिक देश में किसानों के कर्ज के विषय में आंध्र प्रदेश दूसरे स्तान पर है। ऋण माफी के मामले में चंद्रबाबू के विश्वासघात की वजह से ऋणों पर ब्याज बढ़ने से किसान परेशान हैं।

किसानों को ना ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है और न ही फसलों पर समर्थन मूल्य मिल पा रहा है, लेकिन चंद्रबाबू अपनी हेरिटेज कंपनी के लिए दलालों के कप्तान बन चुके हैं। किसानों से फसलें कम दाम पर खरीद कर उन्हें हेरिटेज में तीन गुना दाम पर बेच रहे हैं। धान खरीदी केंद्र अभी तक नहीं खुले हैं। पलासा के काजु किसान को प्रति किलो पर 650 रुपये नहीं मिल रहे हैं, जबकि चंद्रबाबू हेरिटेड में काजू प्रति किलो 1100 रुपये में बेच रहे हैं।

युवाओं को नहीं मिल रही नौकरियां

उन्होंने कहा कि 30 हजार आदर्श किसानों की नौकरी जा चुकी हैं। यही नहीं, गृह निर्माण विभाग में 3,500 गोपाल मित्र और आयुष में कार्यरत 30 हजार लोगों की नौकरियां जा चुकी हैं। इसी तरह, मध्याह्न भोजन योजना में कार्यरत 85 हजार लोग भी नौकरी से हाथ धो बैठे हैं।

चंद्रबाबू के शासनकाल में न नौकरियां मिल रही हैं और न ही बेरोजगार युवाओं को रोजगार भत्ता मिल रहा है। पदयात्रा में मुझसे मिले बेरोजगार युवाओं ने बताया कि बाबू सत्ता में जरूर आए हैं, लेकिन किसी को नौकरी नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि राज्य विभाजन के वक्त एपी में एक लाख 42 हजार सरकारी पद रिक्त थे और पिछले साढ़े चार साल में 90 हजार पद रिक्त हुए हैं। कुल मिलाकर लगभग 2 लाख 20 हजार पदों पर भर्ती नहीं हुई है।

ड्वाक्रा महिलाओं को अदलात में घसीटा गया

विशाखापट्टणम जिले के यलमंचिली निर्वाचन क्षेत्र में ड्वाक्रा महिलाओं को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा है। ड्वाक्रा संघों की महिलाओं पर बैंक कर्मचारी हमले कर रहे हैं। ब्याज के भुगतान के लिए बहनों को मंगलसूत्र तक गिरवी रखनी पड़ रहा है। 2016 से ड्वाक्रा संघों के ब्याज के भुगतान में सरकार विफल रही है।

बिगड़ी राजनीतिक व्यवस्था को बदलाने के लिए....

राज्य में बिगड़ी राजनीतिक व्यवस्था को अगर बदलनी हो, तो जगन को आप सबका आशीर्वाद चाहिए। भविष्य में हर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र को एक जिला बनाया जाएगा। कलेक्टर अगर सात निर्वाचन क्षेत्रों का बागडोर संभालेगा, तो वह जनता के लिए सदैव उपलब्ध रहेगे। कलेक्टर व्यवस्था को पूरी तरह से लोगों के पास लाने के लिए अप्रैल में 13 जिलों की जगह 25 जिले बनाए जाएंगे। ग्राम स्तरीय समस्याओं के समाधान के लिए ग्राम सचिवालय स्थापित किए जाएंगे।

हर गांव में उस गांव के 10 लोगों को नौकरी दी जाएगी। सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के चयन में यह नहीं देखेंगे कि वह किस पार्टी से जुड़ा है, उसकी योग्यता के आधार पर लाभार्थी का चयन किया जाएगा। हर गांव में 50 मकानों के लिए एक को ग्राम वालिंटर नियुक्त किया जाएगा और इन ग्राम वालिंटरों को 5 हजार रुपये वेतन स्वरूप दिए जाएंगे। सरकार की हर योजना का लाभ लोगों का पहुंचाएंगे और राशन के चावल की आपूर्ति भी करेंगे।

तोता-मैना की तरह....

चंद्रबाबू ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के 23 विधायकों को भेड़-बकरियों की तरह खरीदा है। लोकतंत्र का खून करके चार लोगों को मंत्री भी बनाया। विशेष दर्जे की मांग में सेंध लगाते हुए चार वर्षों तक भाजपा के साथ रहे। टीडीपी के सांसद केंद्र में मंत्री भी रहे। चार वर्ष तक विशेष दर्जा नहीं देने के बावजूद चंद्रबाबू नायडू भाजपा की तारीफ करते रहे और विधानसभा में विशेष दर्जे की मांग का मजाक भी उड़ाया।

विशेष दर्जे के लिए संघर्ष करने पर जेल में बंद करने की धमकी देने के अलावा बाबू ने लोगों से कहा विशेष दर्जा कोई संजीवनी नहीं है, जिससे आंध्र प्रदेश में सबकुछ मिलेगा। टीडीपी-भाजपा की दोस्ती चार साल तक तोते-मैने की तरह रही। चुनाव करीब आते देख बाबू गिरगिट की तरह रंग बदल रहे हैं। चुनाव से तीन महीने पहले बाबू को जनता याद आती है।

चुनाव के करीब आते देख राज्य की समस्याओं को भगवान भरोसे छोड़कर मीडिया मैनेजमेंट कर रहे हैं बाबू। लोगों के लिए कुछ नहीं करने के बाद भी अपने अनुकूल मीडिया के जरिए राज्य में सभी चुनावी वादे पूरे होने का झूठा प्रचार करवा रहे हैं।

इस लड़ाई में मुझे आपका साथ चाहिए...

एक बार सत्ता में आने पर 30 वर्षों तक शासन करना मेरा संकल्प है। मेरी आशा है कि मेरा शासन देखकर... हर घर में पिताजी की तस्वीर के साथ मेरी तस्वीर भी होनी चाहिए। नवरत्नालु हर घर तक पहुंचा कर उनकी अच्छाई के बारे में बताने की जरूरत है। अगर यह बात लोगों को पहुंचाएंगे, तो कोई भी चंद्रबाबू नायडू से पैसे लेकर भी उन्हें वोट नहीं देगा।

मैं 14 महीनों से गरीब के साथ हूं...उनकी परेशानी सुनने के साथ उन्हें ढांढस बांधते हुए आगे बढ़ा। हर गरीब के लिए कुछ अच्छा करने की मंशा है। बिगड़ी राजनीतिक व्यवस्था को सुधारने के लिए आगे बढ़े आपके बेटे का साथ देने और आशीर्वाद देने का अनुरोध करता हूं। प्रजा संकल्प यात्रा आज से खत्म हो रही है, लेकिन हमारा संघर्ष आगे भी चलता रहेगा।

दिन में 9 घंटे मुफ्त बिजली

किसानों की लागत कम करने की दिशा में कदम उठाएंगे। दिल में 9 घंटे मुफ्त बिजली देंगे। हर किसान अपनी आय बढ़ा सके, इसके लिए बैंकों से ब्याजमुक्त ऋण देंगे। मई के महीने में खेती के लिए किसान को सालाना 12,500 रुपये देंगे। सभी किसानों के लिए मुफ्त में बोरवेल डलवाए जाएंगे। किसानों को अप फसल बीमा को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। सत्ता में आते ही पूरी बीमा का वहन सरकार करेगी।

एक्वा किसानों को डेढ़ रुपये प्रति यूनिट बिजली दी जाएगी। समर्थन मूल्य मुहैया कराने के लिए 3000 करोड़ रुपए आवंटित किए जाएंगे। हर मंडल में कोल्ड स्टोरेज का निर्माण किया जाएगा। आज किसान प्रति लीटर दूध 26 रुपए में बेच रहे हैं। चंद्रबाबू ने हेरिटेज के लिए सभी डैरियों को नष्ट कर दिया है। हेरिटेज में आधा लीटर दूध 45 रुपये में बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि दूग्ध डैरियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति लीटर दूध पर बोनस स्वरूप 4 रुपए देंगे।

प्राकृतिक आपदा राहत कोष

हर जिले में सहकारिता क्षेत्र के डैयरियों को बढ़ावा देंगे। कृषि ट्रैक्टरों का रोड टैक्स पूरी तरह से रद्द कर देंगे। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान किसान तबाह न हो, उसके लिए चार हजार करोड़ ( 2000 करोड़ राज्य और बाकी 2000 करोड़ केंद्र देगा) रुपये प्राकृतिक आपदा कोष गठित करेंगे। नारियल पेड़ को मुआवजा स्वरूप 3 हजार रुपए देंगे।

काजू पेड़ों के लिए दिए जा रहे 30 हजार रुपये की राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये करेंगे। किसान को अगर नहीं होने वाला नुकसान होता है, तो पीड़ित परिवार को वाईएसआर बीमा के तहत 5 लाख रुपए दिए जाएंगे। यह राशि पूरी तरह परिवार की बेटियों को देने के उद्धेश्य से विधानसभा में कानून लेकर आएंगे। राज्य की हर परियोजना को युद्धस्तर पर पूरा करेंगे।

ड्रवाक्रा महिलाओं के लिए वाईएसआर आसरा योजना

89 लाख ड्वाक्रा महिलाओं को ब्याजमुक्त ऋण देंगे। ड्वाक्रा की बहनों पर जितना भी ऋण है, उसे चार चरणों चुका देंगे। पेंशन की वर्तमान आयुसीमा 65 से घटाकर 60 वर्ष करेंगे। वृद्धों को 2 हजार रुपए और दिव्यांगों को 3 हजार रुपए दिए जाएंगे। बच्चों की पढ़ाई को लेकर माता-पिता परेशान ना हो और बच्चों को स्कूल भेजने पर पहली से पांचवी कक्षा तक के बच्चों को 500 रुपए और दो बच्चे होने पर 1000 रुपए दिए जाएंगे। छठी कक्षा से दसवीं तक के बच्चों को 1-1 हजार रुपये सीधे उनकी मां को दिए जाएंगे।

गरीबों के लिए 25 लाख मकान, जन्मभूमि कमेटियों के हस्तक्षेप के बगैर मकान आवंटित किए जाएंगे। आरोग्य श्री योजना की बजट में आवश्यक राशि का आवंटन करेंगे। अगर किसी परिवार का कर्ता को ऑपरेशन होता है, तो उसके विश्राम के समय में आर्थिक सहायता देंगे।

किडनी रोगियों के लिए विशेष पेंशन, हर गरीब के लिए फीस रिअंबर्समेंट फीस दी जाएगी। खर्च के तहत हर विद्यार्थी को सालाना 2 हजार रुपए। पोलवरम सहित सभी परियोजाओं को युद्धस्तर पर पूरा किया जाएगा। राज्य में तीन चरणों में मध्य निषेध होगा और पहले चरण में शराब की दुकानों की संख्या कम करेंगे। गांव-गांव में चल रहे बेल्ट शॉप्स बंद कर दिए जाएंगे।