आंध्र प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष व वाईएसआरसीपी के सुप्रीमो वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने अपनी प्रजा संकल्प यात्रा के दौरान ‘साक्षी’ को दिए एक साक्षात्कार में पिछले चार सालों में जनसमस्याओं को लेकर चंद्रबाबू नायडू सरकार के खिलाफ जारी संघर्ष के बारे में विस्तार से बताया। इस साक्षात्कार के कुछ अंश इस प्रकार हैं।

सवाल : एपी के सीएम चंद्रबाबू प्रचार कर रहे हैं कि केसीआर आंध्र में जगन के समर्थन में चुनाव करेंगे और लोकसभा चुनाव केसीआर, जगन तथा मोदी मिलकर लड़ेंगे, यह बात कहां तक सही है ?

जगन : तेलंगाना में केसीआर ने कांग्रेस और मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ा। मोदी हैदराबाद आकर केसीआर को गाली देकर चले गए, दूसरी तरफ केसीआर ने भी मोदी को गाली दी। केसीआर ने कांग्रेस और भाजपा के खिलाफ चुनाव जीता है। केसीआर ने भाजपा के साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ा था और न ही सपोर्ट किया था।

केसीआर कभी भाजपा के साथ नहीं रहे, लेकिन बाबू कम से कम चार साल तक भाजपा के साथ रहे। चंद्रबाबू नायडू के लिए शर्मनाक बात यह रही है कि उन्होंने चुनाव में गठबंधन के सिलसिले में केटीआर से बात की।बाबू खुद बता चुके हैं कि सभी तेलुगुभाषियों के एकजुट होने और मिलकर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन केटीआर ने उसे स्वीकार नहीं किया। इसी कारण चंद्रबाबू ने कांग्रेस के साथ चुनावी गठबंधन किया।

सवाल : 2014 के चुनाव में टीडीपी ने पवन कल्याण और भाजपा के साथ मिलकर केवल डेढ़ फीसदी वोट अधिक हासिल कर सत्ता हासिल की थी। अब लोगों का कहना है कि अगर आप भी पवन कल्याण से मिलकर चुनाव लड़ेंगे, तो आसानी से राज्य में सरकार बना पाएंगे ?

जगन : राज्य में मौजूदा बदहाली की मुख्य वजह झूठ, धोखा और नाइंसाफी है। अगर हम इसकी वजह जानने की कोशिश करेंगे तो चंद्रबाबू नायडू, भाजपा और पवन कल्याण नजर आएंगे। उसदिन तीनों ने मिलकर हर वादे को पूरा करने का आश्वासन दिया था। पवन कल्याण ने तो गांव-गांव चक्कर लगाकर चंद्रबाबू के लिए वोट मांगे थे।

पवन ने मोदी को लेकर कुछ ज्यादा ही कहा था। चुनाव के बाद क्या हुआ? विशेष दर्जे के मसले के अलावा किसान, बचत समूहों की बहनों तथा शिक्षित युवा सभी को चंद्रबाबू नायडू ने धोखा किया है। बाबू ने अपने बस में नहीं रहने वाले मुद्दों को भी पूरा आश्वासन देकर लोगों को गुमराह किया।

सवाल : आप पहले से विशेष दर्जे के लिए संघर्ष कर रहे हैं और यह दर्जा देने वाली पार्टी को अपने समर्थन का वादा कर रहे हैं, ऐसे में अगर राहुल गांधी विशेष दर्जा देने को तैयार हो जाएंगे, तो क्या आप कांग्रेस में शामिल होंगे ?

जगन : मैं आंध्र प्रदेश के लोगों के प्रतिनिधि के तौर पर बात कर रहा हूं... अब तक हम काफी धोखा खा चुके हैं। विशेष दर्जा देने के नाम पर धोखा हुआ है। राज्य का विभाजन कर चुकी कांग्रेस पार्टी विशेष दर्जे को कानून में शामिल नहीं करके हमे धोखा दे चुकी है। भाजपा विशेष दर्जा देने के लिए आगे आई और पवन कल्याण ने उसका समर्थन भी किया।

आखिर में उन्होंने भी धोखा दिया। आज हम किसी की बातों पर विश्वास करने की स्थिति में नहीं हैं। आंध्र प्रदेश के लोग भी यही चाहते हैं कि राज्य की सभी 25 लोकसभा सीटें जीतना। किसी को समर्थन देने की जरूरत नहीं है। जीतने के बाद हस्ताक्षर करने पर ही समर्थन देने की शर्त रखी जाएगी। तभी केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री को हस्ताक्षर करने के लिए स्थिति पैदा हो जाएगी। अगर हम चुनाव से पहले समर्थन देंगे, तो पहले की तरह हमारे फिर से धोखा खाने की पूरी संभावना है।

सवाल : हस्ताक्षर करने के लिए किसी पार्टी को पहले सत्ता में आना पड़ता है ?

जगन : वैसी स्थिति पैदा होने पर प्रधानमंत्री बनने के एक या दो दिन में विशेष दर्जा देने का वादा करना होगा, तभी हम उनका समर्थन करेंगे। चंद्रबाबू की तरह चार वर्षं तक इंतजार नहीं करेंगे।

सवाल : बाबू लोगों से कह रहे हैं कि राज्य में जारी सभी परियोजनाओं व राजधानी अमरावती का निर्माण पूरा होने के लिए टीडीपी का फिर से सत्ता में आना जरूरी है, क्योंकि जगन मोहन रेड्डी सत्ता में आते ही ये सभी काम रोक देंगे ?

जगन : आंध्र प्रदेश में विकास एक तरह से रुक गया है। पिछले साढ़े चार सालों में पोलावरम परियोजना की बुनियाद का निर्माण भी पूरा नहीं हो पाया है। एक बूंद पानी के भंडारण की व्यवस्था नहीं है। अभी परियोजना की डिजाइन तक फाइनल नहीं हुआ है और डीपीआर तक नहीं दिया गया है।

कुल 48 गेटों में से केवल एक गेट बन पाया है। राजधानी का निर्माण एक बड़ा घोटाला है और इतना बड़ा घोटाला दुनिया में कहीं नजर नहीं आएगा। राजधानी क्षेत्र का विकास नहीं होने की वजह है सिर्फ और सिर्फ घोटाले हैं।

स्थाई विधानसभा, सचिवालय तक नहीं बन पाए हैं। हाईकोर्ट भवन भी अस्थाई है। अस्थाई भवनों के निर्माण के लिए 10 हजार करोड़ रुपए खर्च किए गये हैं, जबकि इनके लिए जमीन मुफ्त में मिली है। इन अस्थाई भवनों के निर्माण की गुणवत्ता ठीक नहीं होने की वजह से मामूली बारिश होने पर इन भवनों की छत से पानी टपकने लगा है।

सवाल : विकास को लेकर सरकार ने तो श्वेत पत्र भी जारी किया है ?

जगन : ये सभी जानते हैं कि श्वेतपत्र झूठ से भरा है। आम आदमी भी बता पाएगा कि आंध्र प्रदेश में क्या चल रहा है। विकास का मतलब गरीब के घर में कुछ अच्छा होना, गरीबों का कल्याण होना, गरीब के खेत में अधिक कृषि पैदावार होना, गरीब के बच्चे जाने वाले स्कूल और अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं मिलना होता है, लेकिन यहां कहीं भी ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है। यही नहीं, बाबू के चार साल के शासन में कृषि का दायरा तक घटा है।

सवाल : अलग हुए राज्य के लिए राजधानी तो जरूरी होती है?

जगन : यहां जितने घोटाले हुए हैं, उतने कहीं नहीं हुए हैं। फलाना जगह राजधानी बनने की सूचना होने के बावजूद नागार्जुन यूनिवर्सिटी के पास राजधानी बनने की झूठी खबर फैलाई गई। मई में सत्ता में आने के बावजूद दिसंबर तक नहीं बताया गया कि राजधानी कहां बनेगी। राजधानी कहां बनेगी, इसकी जानकारी सिर्फ चंद्रबाबू और उनके बेनामियों को थी।

सभी को गुमराह कर चंद्रबाबू और उनके बेनामियों ने पहले उस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जमीनें खरीदी। चंद्रबाबू से जुड़ी हेरिटेज कंपनी ने इस इलाके में 14 एकड़ जमीन खरीदी है। राजधानी कहां बनेगी, इसकी जानकारी होने से मुख्यमंत्री और उनके बेनामी किसानों से बहुत कम दामों में जमीन खरीदी और बाद में लैंड पूलिंग प्रक्रिया शुरू कर दी गई।