विशाखापट्टनम : वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख जगनमोहन रेड्डी पर पिछले साल अक्टूबर में चाकू से हुए हमले की जांच के लिए एनआईए अधिकारी शनिवार को विशाखापत्तनम पहुंच गए। हालांकि, शीर्ष पुलिस सूत्रों ने यहां बताया कि किसी अदालती आदेश या राज्य सरकार के लिखित निर्देश की गैर मौजूदगी में विशाखापत्तनम नगर पुलिस ने जांच की जिम्मेदारी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपने से कथित तौर पर इनकार कर दिया है।

हैदराबाद में एनआईए ने एक जनवरी को एक प्राथमिकी दर्ज की थी। एनआईए के एक निरीक्षक शनिवार को विशाखापत्तनम पहुंचे और मामले से जुड़े ब्योरे के लिए विशाखापत्तनम नगर पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि निरीक्षक ने कथित तौर पर सहयोग भी मांगा लेकिन एसआईटी ने कथित तौर पर इससे इनकार कर दिया। एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि एनआईए केवल केंद्रीय गृह मंत्रालय का एक परिपत्र लेकर आई है, जिसमें कहा गया है कि मामले की जांच उसे साौंप दी जाए।

वहीं, इस सिलसिले में न तो उच्च न्यायालय का, ना ही राज्य सरकार का आदेश है। इस स्थिति में हम मामले का कोई रिकार्ड नहीं दे सकते हैं। मामले का मुख्य आरोपी फिलहाल विशाखापत्तनम जेल में न्यायिक हिरासत में है। इस बीच, मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने श्रीकाकुलम जिले में शनिवार को एक जनसभा में कहा कि मामले को एनआईए को सौंपे जाने से केंद्र की मनमानी साबित होती है।

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उन्होंने कहा कि जब आरोपी ने खुद ही दावा किया है कि उसने उनके लिए सहानुभूति बटोरने के लिए हमला किया था और जब राज्य पुलिस जांच कर रही है, तब यह मामला एनआईए को सौंपे जाने की क्या जरूरत है। वहीं, विपक्षी पार्टी ने इस घटना की जांच केंद्र सरकार की किसी एजेंसी से कराने की मांग की है।