नई दिल्ली: दोनों तेलुगु राज्यों में खलबली मचानेवाले वोट के बदले नोट मामले की सुनवाई फरवरी में सर्वोच्च न्यायालय में होगी। न्यायालय के पीठ ने कहा है कि वादी और प्रतिवादी के बीच काउंटर पर बयान देने के बाद इसका परीक्षण कर फरवरी में सुनवाई के लिए लिस्ट करने का आदेश दिया है।

चंद्रबाबू की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ ने न्यायालय के सामने यह बात रखी कि फरवरी या मार्च में आंध्र प्रदेश के चुनाव हो सकते है। इस पर जस्टिस मदनबी लोकुर ने कहा है कि इस पर न्यायालय कुछ नहीं कर सकता है, मामले की सुनवाई फरवरी में होगी।

बता दें कि YSRCP के विधायक आल्ला रामकृष्णा रेड्डी ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। याचिका में उन्होंने मामले की जांच CBI से करवाने का अनुरोध किया है। इस याचिका को उच्च न्यायालय ने संज्ञान में लिया है। इस पर चंद्रबाबू की ओर से अधिवक्ता ने कहा है कि राजनीतिक रंजिश के चलते आल्ला रामकृष्णा रेड्डी ने याचिका दायर की है।

इसे भी पढ़ें:

वोट के बदले नोट मामला : चंद्रबाबू का नाम तीसरी चार्जशीट में शामिल?

वोट के बदले नोट मामले में रेवंत रेड्डी से पूछताछ पूरी,  23 को फिर होगा जवाब-तलब

बता दें कि वर्ष 2015 में वोट के बदले नोट मामला उजागर हुआ है। इस मामले राष्ट्रीय स्तर पर खलबली मचा दी। चंद्रबाबू के निर्देश पर रेवंत रेड्डी नॉमिनेटेड विधायक स्टीफनसन को रुपये देते समय रंगेहाथों पकड़े गए। इस मामले में तेदेपा के मुखिया चंद्रबाबू मुख्य सूत्रधार होने का आरोप हैं। फोरेंसिक लैब ने इससे जुड़ी रपट भी दी है।