अमरावती/हैदराबाद : आंध्र प्रदेश पुलिस महानिदेशक आरपी ठाकुर ने कहा कि आतंकवाद और माओवादी गतिविधियों के निर्मुलन के सिलसिले में यदि एपी की पुलिस तेलंगाना में संचार करती है तो इसे कानून के खिलाफ नहीं कहा जा सकता है। यदि ड्यूटी से हटकर कानून के खिलाफ कोई काम करते हुए पाये जाते हैं तो ऐसे पुलिस के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

डीजीपी ठाकुर ने प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रजत कुमार द्वारा तेलंगाना विधानसभा चुनाव के दौरान जगित्याल जिले के धर्मपुरी और मंचीरियाल में एपी की इंटेलिजेंस पुलिस द्वारा सर्वेक्षण किये जाने के विवरण में यह बात कही है।

इसे भी पढ़ें:

AP पुलिस तेलंगाना में रुपये बांट रही है : KTR

डीजीपी ने आगे बताया कि हमने इस मामले की जांच की है। हमने जांच में पाया कि धर्मपुरी और मंचीरियाल में पकड़के गये हमारे ही इंटेलिजेंट पुलिस कर्मी है। ये कर्मचारी आतंकवादी और माओवादियों की रहस्य जानकारी जुटाने के लिए वहां गई हुई थी। लोगों में पैसे बांटे जाते समय पकड़े जाने के आरोप में सच्चाई नहीं है। उनके पास पैसे भी नहीं है। स्थानीय लोगों ने जब उन्हें पकड़ा, तो वे स्थानीय पुलिस की मदद मांगी है। हमारी जांच में वे किसी भी प्रकार की गलती करते हुए नहीं पाये गये। इसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया है।

इसे भी पढ़ें:

कोदंडराम का आरोप- विपक्षी दलों के फोन किए जा रहे हैं टैप

तेलंगाना CEO ने इसलिए KCR और DGP को भेजा नोटिस

उन्होंने आगे कहा कि एपी सरकार के प्रमुख व्यक्ति के जान-माल रक्षा के लिए हमारी पुलिस हैदराबाद में भी काम कर रही है। इसके अलावा आतंकवादी और माओवादी गतिविधियों की रोक थाम के लिए देश के अनेक भागों में संचार कर रही है।

तेलंगाना डीजीपी

दूसरी ओर तेलंगाना डीजीपी महेंदर रेड्डी ने बताया कि हमारी जांच में पाया गया है कि विधानसभा चुनाव के चलते एपी की इंटेलिजेंस पुलिस धर्मपुरी निर्वाचन क्षेत्र में महागठबंधन उम्मीदवार के जीत-हार को लेकर सर्वेक्षण करते हुए पकड़े गये है। उनके पास आईडी कार्ड भी नहीं थे। उनके पास जो फोन नंबर मिले है वो एपी अतिरिक्त डीजीपी के नाम पंजीकरण किया गया है। मगर उनके पास से किसी प्रकार रकम बरामद नहीं की गई।

सर्वेक्षण

तेलंगाना डीजीपी ने बताया कि धर्मपुरी निर्वाचन क्षेत्र के टीडीपी प्रभारी जाडी बाल रेड्डी ने स्थानीय टीडीपी गेस्ट हाउस में इन छह पुलिसकर्मी को आश्रय दिया था। इसके अलावा उनके लिए तीन बाइक की भी व्यवस्था की थी।

उन्होंने आगे बताया कि महागठबंधन की ओर से टीडीपी प्रभारी बाल रेड्डी और कांग्रेस प्रभारी लक्ष्मण कुमार को यदि टिकट दिया जाता तो उनकी जीत-हार का सर्वेक्षण करने के लिए ही ये पुलिस यहां पर आये हुए थे। मगर वोटरों को प्रभावित करने के लिए पैसे बांटे जाने का किसी प्रकार के सबूत नहीं मिला है।

रजत कुमार

प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रजत कुमार ने उपर्युक्त घटना पर दोनों राज्यों की डीजीपी से रिपोर्ट मंगवा ली है। अब निर्वाचन अधिकारी इनके खिलाफ क्या एक्शन लेंगे इस ओर सब की नजरें लगी हुई है।