भ्रष्ट चंद्रबाबू ने पोलवरम से लेकर अमरावती तक किसी को भी नहीं छोड़ा : सुब्बा रेड्डी

मीडिया से रूबरू होते हुए वाईवी सुब्बा रेड्डी - Sakshi Samachar

विजयवाड़ा : तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के चेयरमैन वाईवी सुब्बा रेड्डी ने कहा कि कुछ येलो मीडिया हाल ही मारे गये आईटी छापों को कम दिखाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि येलो मीडिया यह बताने का प्रयास कर रही है कि आईटी छापों से चंद्रबाबू का कोई संबंध नहीं है। वाईवी सुब्बा रेड्डी ने रविवार को मीडिया से यह बात कही।

उन्होंने बताया कि छह दिन तक मारे गये आईटी की छापे के बाद दो हजार करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार होने का अधिकारियों ने प्रेस नोट जारी किया है। साल 2019 के चुनाव के बाद मुंबई में एक इंफ्रा कंपनी पर मारे गये छापे के दौरान इसका संबंध एपी से होने का खुलासा हुआ है। केवल 2019 चुनाव के समय ही दो हजार करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आईटी विभाग ने पता लगाया है। इस बात को ध्यान में रखते हुए साल 2014 से 2019 तक चंद्रबाबू के शासनकाल में हुए भ्रष्टाचार पर सीबीआई के जरिए जांच की जानी चाहिए।

वाईवी सुब्बा रेड्डी ने कहा कि चंद्रबाबू नायडू के शासनकाल में पोलवरम परियोजना से लेकर अमरावती तक लूट लिया है। इतना ही टीडीपी के शासनकाल में आरंभ किये गये हर योजना केवल लूटने के लिए ही शुरू किया है।

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उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू ने इन साइड ट्रेंडिंग के जरिए अमरावती राजधानी के नाम पर प्रदेश की जनता को धोखा दिया है। पोलवरम परियोजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। पिछले पांच साल में चंद्रबाबू के शासनकाल पर सीबीआई के जरिए जांच किये जाने पर ही एपी में हुए बड़े पैमाने हुए भ्रष्टाचार का खुलासा होगा। ऐसा करने पर ही प्रदेश की लोगों को सच्चाई का पता चल जाएगा।

वाईएस सुब्बा रेड्डी ने कहा कि आईटी विभाग की प्रेस नोट पर चंद्रबाबू नायडू और लोकेश ने अब तक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इससे स्पष्ट होता है कि आईटी छापे में भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि हवाला के जरिए कितने करोड़ का भ्रष्टाचार हुआ है इसका खुलासा करने के लिए इस मामले की संपूर्ण जांच की जानी चाहिए।

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