चित्तूर : वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के विधायक आरके रोजा ने राजधानी मुद्दे पर विपक्ष के नेता चंद्रबाबू नायडू के रवैये की कड़ी शब्दों में निंदा की। रोजा ने सवाल किया कि यदि चंद्रबाबू नायडू के मन में अमरावती राजधानी के प्रति अच्छे विचार होते तो पांच साल के शासनकाल में अस्थायी भवनों का ही निर्माण क्यों किया है? राजधानी निर्माण के लिए तब ही झोली लेकर घूमते और केंद्र सरकार से संघर्ष करके निधि लेकर आना चाहिए था।

विधायक रोजा ने मंगलवार को नगरी में संक्रांति उत्सव में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने मीडिया से कहा कि त्यौहारों पर भी चंद्रबाबू नायडू राजनीति कर रहे हैं।

विधायक रोजा ने आगे कहा, "चंद्रबाबू नायडू ने प्रदेश को लाखों करोड़ों रुपये के कर्ज में डूबो दिया हैं। यह रकम किसने हजम किया है? आपने... या लोकेश ने...? चंद्रबाबू को राजधानी को लेकर बिल्कुल ही श्रद्धा नहीं है। सीएम जगन ने राजधानी को बदलने की बात कभी भी नहीं कही है। अमरावती के साथ दो और राजधानी को निर्माण करने की बात कही।”

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विधायक रोजा ने कहा, “रायलसीमा और उत्तरांध्रा के जिले बहुत ही पिछड़े हुए हैं। इन जिलों का भी विकास करने की जिम्मेदारी सीएम जगन पर है। प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप उनकी सोच को प्रदेश के लोग और शिक्षाविद् स्वागत कर रहे हैं। मगर चंद्रबाबू नायडू, पवन कल्याण और तेलुगु देशम पार्टी के नेताओं को पसंद नहीं आ रही है। इन नेताओं का रवैया अंडे पर के बाल उखाड़ने जैसा है।"

आरके रोजा ने कहा, "यदि टीडीपी के नेताओं के मन में अमरावती राजधानी मुख्य होता तो टीडीपी के नेता नारायण, पत्तिपाटी पुल्लाराव और देविनेनी उमा अब तक धरना कार्यक्रम में भाग क्यों नहीं ले रहे हैं? इस बात पर किसानों को गौर करना चाहिए। अनंतपुर जिले से लाखों किसान पलायन कर रहे हैं। आपके साथ हमें भी विकास की ओर बढ़ने दीजिए।

विधायक ने कहा, “सीएम जगन हमेशा किसानों के साथ हैं। मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी शीघ्र ही राजधानी के लिए जमीन देने वाले किसानों के लिए विधानसभा में महत्वपूर्ण घोषणा करेंगे। सीएम जगन ने क्षेत्रीय मतभेद उत्पन्न न हो इस बात को ध्यान में रखते हुए 13 जिलों का विकास करने के उद्देश्य से ही तीन राजधानी का प्रस्ताव लेकर आये हैं।"