विजयवाड़ा : मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने विशाखापट्टणम नगर के विकास कार्यक्रमों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में मंगलवार को आयोजित इस समीक्षा बैठक में जिलाधीश विनयचंद और अन्य अधिकारी मौजूद थे। इस दौरान पेयजल, सड़क, विशाखा मेट्रो, पर्यटन परियोजना और अन्य विकास कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पोलवरम के पास जल को फिल्टर करके वहां से विशाखा को भेजा जाये। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि केनाल्स के जरिये आ रहा जल अधिकतर बेकार व्यर्थ हो रहा है। इस व्यर्थ हो रहे पेयजल की बचत करने के लिए पाइप लाइन के जरिए पेयजलापूर्ति किये जाने पर इस बल दिया गया।

वाटर ग्रेड

इसके अलावा, वाटर ग्रेड और अन्य परियोजनाओं के बारे में भी समीक्षा की गई। साथ ही डंपिंग यार्ड, प्रदूषण नियंत्रण, शहर की सभी सड़कों का मरम्मत, अंडर ड्रैनेज आदि मुद्दे पर भी सीएम जगन ने समीक्षा की।

इंटीग्रेटेड संग्रहालय

इस अवसर पर अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को आरके बीच रोड में इंटिग्रेटड संग्रहालय की स्थापना की सलाह दी। साथ ही सबमरीन संग्रहालय, फूड कोर्ट, कैलासगिरी प्लानेटोरियम और अन्य की आवश्यकता बारे में भी अधिकारियों ने सीएम को सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने शीघ्र ही इन कार्यों को आरंभ करने के निर्देश दिये।

विशाखापट्टण मेट्रो रेल मास्टर प्लान

इस दौरान अधिकारियों ने विशाखापट्टण मेट्रो रेल के मास्टर प्लान की भी सीएम जगन को जानकारी दी। अधिकारियों ने सीएम को बताया कि विशाखा मेट्रो के 10 चरणों में 10 कैरिडार होंगे। पूरा मेट्रो मार्ग 140.13 किलोमीटर रहेगा। पहला चरण 46.40 किलोमीटर का होगा। स्टील प्लांट से कोम्मदी तक 34.23 किमी, गुरुद्वार से ओल्ड पोस्ट ऑफिस तक 5.26 किमी, ताडिचेट्ला पालेम से आरके बीच तक 6.91 किमी का प्रस्ताव पेश किया है। यह कार्य साल 2020-24 तक पूरा करने का प्रस्ताव भी पेश किया।