विजयवाड़ा: सरकारी पाठशाला में इंग्लिश मीडियम का विरोध कर रहे जनसेना नेता पवन कल्याण ने अब यू टर्न ले लिया है। पहले वे इसका विरोध कर रहे थे पर अब उन्हें विपक्ष के नेता चंद्रबाबू नायडू के सुर में सुर मिलाते साफ देखा जा सकता है।

अब पवन कल्याण कह रहे हैं कि, 'मैंने कभी इंग्लिश का विरोध नहीं किया ...मैं तो बस यह कह रहा हूं कि इंग्लिश के लिए कभी अपनी मातृभाषा को नहीं छोड़ना चाहिए।' कहते हुए उन्होंने ट्विट किया है।

यह तो सब जानते ही हैं कि सरकारी स्कूलों में जब से सीएम जगन मोहन रेड्डी ने इंग्लिश मीडियम शुरू करने की घोषणा ही है तभी से विपक्षी नेता चंद्रबाबू नायडू और पवन कल्याण ने इसका खुलकर विरोध किया है।

सीएम जगन के इस निर्णय का छात्रों के माता-पिता ने भी खुले दिल से समर्थन किया तभी चंद्रबाबू ने भी इस विषय पर यू टर्न ले लिया था। पवन ने इस विषय पर चंद्रबाबू का ही अनुसरण किया है।

इस महीने की 21 तारीख को कोमनापल्ली की सभा को संबोधित करते हुए सीएम जगन ने इंग्लिश मीडियम का समर्थन किया था, उसीके जवाब में जनसेना पार्टी की तरफ से पवन ने यह ट्विट किया है।

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यही नहीं संयुक्त आंध्रप्रदेश राज्य के पूर्व डीजीपी अरविंद राव द्वारा लिखा 'तेलुगु वर्धिल्लतेने वेलुगु' नाम से तेलुगु भाषा को बचाने के लिये लिखे लेख का भी पवन ने हवाला दिया और अपने ट्विट में लिखा कि आंध्रप्रदेश की सरकार को इस पर भी ध्यान देना चाहिए।