अमरावती : आंध्र प्रदेश की गृहमंत्री मेकतोटि सुचरिता ने कहा कि साल 2014 से 2019 तक प्रदेश में राक्षस राज रहा। टीडीपी नेता यरपतिनेनी के अवैध माइनिंग के खिलाफ शिकायत करने वाले गुरुवाचारी को बुरी तरह से प्रताड़ित किया गया है। तेलुगु देशम पार्टी के शासनकाल में गुरुवाचारी को किस तरह से प्रताड़ित किया यह (फोटो दिखाते हुए) उसका जीता जागता उदाहरण है।

सुचरिता ने सोमवार को ‘स्पंदना’ कार्यक्रम के अंतर्गत डीजीपी गौतम सवांग के साथ मीडिया से रूबरू हुई। उन्होंने आगे कहा कि यरपतिनेनी ने एक व्यक्ति से एक करोड़ रुपये की मांग की थी। यदि एक करोड़ रुपये नहीं दिये जाने पर उसे जान से मार डालने की धमकी दी गई। चंद्रबाबू के शासनकाल में ऐसे अनेक मामले हुए हैं।

होम मिनिस्टर ने कहा कि अब राज्य में वैसे हालत नहीं है। अपराध की घटनाओं में कमी आई है। प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से कंट्रोल में है। ऐेसे हालत में चंद्रबाबू गांवों में पेड़ आर्टिस्टों के साथ मिलकर नुक्कड़ नाटक कर रहे है और सरकार को बदनाम करने पर तुले हुए है। चंद्रबाबू कह रहे है कि उन्हें गांवों में रहने नहीं दिया जा रहा है। बीते पांच सालों के भीतर लोगों को किस तरह से प्रताड़ित किया गया है इस बारे में अब लोग सामने आकर शिकायतें कर रहे हैं।

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सुचरिता ने बताया कि चंद्रबाबू के शासनकाल में पागल को कुत्ते को पत्थर से मारे तो भी मामला दर्ज किया गया है। जो भी टीडीपी में शामिल नहीं हुए उनके खिलाफ भी मामले दर्ज किये गये हैं। उन्होंने कहा कि स्पंदना के अंतर्गत आने वाले शिकायतों निवारण 15 दिन के अंदर करने का मुख्यमंत्री वाईएस जगन ने आदेश दिया है। वाईएस जगन ने स्पष्ट किया है कि जात पात और राजनीतिक मतभेद भूलकर हर समस्याओं को निवारण किया जाये।