हैदराबाद : गोशामहल के विधायक टी राजा सिंह ने विजयवाड़ा के ताड़ेपल्ली गोशाला का दौरा किया। हाल ही में इस गोशाला में सौ से अधिक संख्या में गायों की मौत हो जाने से हलचल मची है। इसी बीच राजा सिंह सोमवार को गोशाला का दौरा किया और गाय की मौत के पीछे बड़े षड्यंत्र की आशंका जताई। विधायक ने आंध्र प्रदेश सरकार से षड्यंत्र का पर्दाफाश करने के लिए जांच आयोग का गठन कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग भी की।

राजा सिंह ने चिंता जताते हुए कहा कि यह शर्मनाक है कि इतना बड़ा हादसा गोशाला में हुआ। जहां 100 से अधिक गायों की मौत हो चुकी है। उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी से आग्रह किया कि वे तुरंत गोशाला का दौरा कर स्थिति का जायजा लेने और उपर्युक्त सहायता गोशाला को प्रदान की जाये।

विधायक ने आगे कहा कि गोशाला को सरकार की ओर से कोई सहयोग नहीं है। यहां पर सीसीटीवी कैमरे व पशु चिकित्सक उपलब्ध नहीं है। यदि ये सुविधा उपलब्ध होती तो काफी गाय बच जाती। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी यहां पर 24 गायों की मौत हो चुकी है।

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उसे भी विषाक्त चारा से हुई मौत करार देकर हल्के में लिया गया था। मगर इस बार सौ से अधिक गायों की मौत हो चुकी है। आगे भी इस प्रकार की घटनाएं होने की संभावनाएं है। इसलिए सरकार को इस विषय पर गंभीरता से सोचना चाहिए। इसके निवारण के लिए कड़े कदम उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि गाय को यदि समय पर चारा पानी और इलाज की सुविधा मिलेगी तो और स्वस्थ रहेगी।

राजा सिंह से ने गोशाला कमेटी की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए पूछे गये सवालों के में कमेटी का बचाव करते हुए कहा कि कोई भी गौ भक्त गाय की हत्या नहीं कर सकता। ताड़ेपल्ली गोशाला आजादी से पहले ही स्थापित की गई थी। यहां पर गायों को कसाइयों उसे बचाकर गायक सेवा और संरक्षण किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस गोशाल में लगभग 1500 से अधिक गाये हैं। इतनी बड़ी संख्या में गौ होने के कारण सेवा कार्य में कुछ दिक्कत आ सकती है।

राजा सिंह ने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि मारी गई गाये जहरीले चारा से नहीं हुई है, बल्कि उन्हें मारकर सांप्रदायिक दंगे फैलाने के उद्देश्य कसाई द्वारा एक षड्यंत्र के तहत जहरीला केमिकल मिलाया हुआ घास भेजा गया होगा।