अमरावती : आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी पद और गोपनीयता की शपथ लेने के बाद दो महीनों की अवधि में कई महत्पूर्ण निर्णय लिये हैं। इससे एपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चंद्रबाबू नायडू बोलती बंद हो गई।

सरकार ने विकास और कल्याण योजनाओं का निर्णय लेते समय शहर या ग्राम में भेदभाव नहीं किया है। इससे युवाओं में हर्ष की लहर दौड़ गई है। इस क्रम में शीघ्र ही होनेवाले स्थानीय चुनाव को लेकर टीडीपी में पशोपेश की स्थिति बनी।

आंध्र प्रदेश में जहां-तहां ग्राम सचिवालय और वार्ड सचिवालय की चर्चा जोरों पर है। देश की राजनीति में ऐसा पहली बार होने जा रहा है। बड़े पैमाने पर नौकरियों में भर्ती होने जा रही है। प्रदेश के ग्रामों और शहरों में लगभग एक लाख 33 से भी अधिक बेरोजगारों को नौकरी उपलब्ध कराई जा रही है।

देश में अन्य किसी भी राज्य में इतने बड़े पैमाने पर नौकरियों की भर्ती नहीं की गई। मुख्यमंत्री वाईएस जगन ने अपनी बात पर अटल रहते हुये 60 दिनों में एक लाख 30 हजार से अधिक नौकरियां दी जा रही हैं। राजनीतिक क्षेत्र में भी इस निर्णय के चलते खलबली मची। प्रतिपक्ष टीडीपी भी इस निर्णय से हतबल नजर आ रही है।

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प्रतिपक्ष को शहरों और गांवों में युवाओं की चुभनभरी बातों का सामना करना पड़ रहा है। नेता प्रतिपक्ष चंद्रबाबू नायडू ने अपने लंबे कार्यकाल के दौरान भी इतने बड़े पैमाने पर नौकरियां नहीं दी।