नई दिल्ली/विजयवाड़ा : मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने बुधवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उपराष्ट्रपति वेंकय्या नायडू से मुलाकात की। वाईएस जगन का आज दिल्ली में दूसरे दिन के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की समस्याओं के निवारण के लिए आवश्यक कदम उछठाने का आग्रह किया।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पहले उपराष्ट्रपति वेंकय्या नायडू से मिले। इसके बाद राष्ट्रपति कोविंद से मिले। इस भेंट के दौरान वाईएस जगन ने भगवान बालाजी का लड्डू प्रसाद और स्मृति चिह्न भेंट किया। साथ ही शाल ओढ़कर राष्ट्रपति का सम्मान किया। आपको बता दें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री से भेंट कर राज्य को आने वाली निधियों और विभाजन के दौरान दिये गये आश्वासनों को लागू करने के बारे में चर्चा की। इस दौरान जग मोहन रेड्डी ने एक ज्ञापन भी प्रधानमंत्री को सौंपा था।

उपराष्ट्रपति वेंकय्या नायडू को स्मृति चिह्न भेंट करते हुए वाईएस जगन
उपराष्ट्रपति वेंकय्या नायडू को स्मृति चिह्न भेंट करते हुए वाईएस जगन

इस अवसर पर वाईएस जगन के साथ सांसद विजयसाई रेड्डी, वेमिरेड्डी प्रभाकर रेड्डी, आदाला प्रभाकर रेड्डी, नंदिगम सुरेश, बाल शौरी आन्य उपस्थित थे। लगभग एक घंटे तक इन नेताओं के बीच बातचीत चली।

प्रधानमंत्री मोदी को स्मृति चिह्न भेंट करते हुए वाईएस जगन 
प्रधानमंत्री मोदी को स्मृति चिह्न भेंट करते हुए वाईएस जगन 

वाईएस जगन मोहन रेड्डी के प्रधानमंत्री से राज्य विभाजन कानून में शामिल सभी मुद्दों से संबंधित राशि तुरंत जारी करने की अपील की है। राज्य के सर्वांगीण विकास और जन कल्याण के लिए वाईएसआर कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू किए गए कार्यों व निकट भविष्य में किए जाने वाले कार्यक्रमों के लिए केंद्र से मिलने वाली सहायता पर वाईएस जगन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ज्ञापन सौंपा।

प्रधानमंत्री मोदी का सम्मान करते हुए वाईएस जगन
प्रधानमंत्री मोदी का सम्मान करते हुए वाईएस जगन

ज्ञापन में शामिल मुख्य मुद्दे

लोगों का जीवन स्तर बढ़ाने के लिए अनेक कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। सामाजिक सुरक्षा मुहैया कराने के लिए कुछ कल्याणकारी कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। बुनियादी सुविधाओं और औद्योगिक विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है। पारदर्शिता और भष्टाचारमुक्त शासन के लिए सरकार में अनेक संशोधान किए गए हैं। जन कल्याण के लिए नवरत्नालु अमल में लाए गए हैं। पिछले पांच वर्षों में राज्य में विद्युत क्षेत्र में अस्त-व्यस्त नीतियों का अनुसरण किया गया है।

प्रधानमंत्री के साथ वाईएस जगन और अन्य
प्रधानमंत्री के साथ वाईएस जगन और अन्य

पिछली सरकार की गलत विद्युत नीतियों की वजह से प्रति वर्ष विद्युत वितरण कंपनियों को 2,654 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। आज डिस्कमों को प्रतिदिन 7 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ रहा है। क्लीन एंड ग्रीन एनर्जी के तहत गैर परंपरागत विद्युत को प्रोत्साहित करने की जरूरत होने के बावजूद चंद लोगों को फायदा पहुंचाने के इरादे से पिछली सरकार ने कई समझौते किए हैं और इसके लिए उद्देश्यपूर्वक ग्रिड स्टैबिलिटी को ताक पर रखा गया।

प्रधानमंत्री मोदी के साथ रूबरू होते हुए वाईएस जगन
प्रधानमंत्री मोदी के साथ रूबरू होते हुए वाईएस जगन

पिछले पांच वर्षों की अनुचित नीतियों की वजह से विद्युत उत्पादनकर्ताओं को करीब 20 हजार करोड़ रुपये का बकाया पड़ गया है। दूसरी तरफ, विद्यु उपभोक्ताओं पर बोझ डालने जैसी स्थिति नहीं है। अन्य राज्यों के मुकाबले आंध्र प्रदेश में बिजली के दाम पहले से अधिक हैं।

विभाजन की वजह से राज्य की आय में सेंध लगा है। 2014-15 तक 97 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो 2018-19 तक बढ़कर 2.58 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। पिछड़े 7 जिलों को छह सालों के लिए 50-50 करोड़ के हिसाब से अब तक 2100 करोड़ रुपए पहुंचने चाहिए थे, लेकिन अब तक केवल 1050 करोड़ रुपए ही जारी किए गए हैं।

पिछड़े जिलों के विकास के लिए केबीके की तर्ज पर 23,300 करोड़ रुपए राशि मंजूर करें। पोलावरम बाएं कैनल के जरिए उत्तरांध्र में तालाबों से जोड़ने के कार्यक्रम के लिए सहायता प्रदान करें। गोदावरी और कृष्णा नदियों को जोड़ने के द्वारा कृष्णा डेल्टा के अलावा सूखाग्रस्त रायलसीमा क्षेत्र के लिए पानी पहुंचा कर पेयजल और सिंचाई जल की किल्लत को दूर करने का काम शुरू किया गया है और इसके लिए वित्तीय सहायता की जरूरत है।

उगादी तक 25 लाख लोगों को मकान की जमीन देने जा रहे हैं। सेक डाटा ठीक नहीं होने के कारण राज्य को नुकसान पहुंच रहा है। यह डाटा केवल 10.87 लाख लाभान्वितों को केंद्र ने ही चुना है। सेक डाटा को ठीक कर योग्य सभी लाभान्वितों का चयन करना चाहिए। राज्य को विशेष दर्जा दीजिए। लोगों की मर्जी के खिलाफ राज्य को विभाजित किया गया।

राज्य के आर्थिक और औद्योगिक विकास के लिए विशेष दर्जे की जरूरत है। राज्य में उद्योगों की स्थापना के लिए रियायतें दीजिए।10 साल तक जीएसटी में छूट दीजिए। दस वर्षों तक आयकर में छूट दीजिए। 10 साल तक 100 फीसदी इंश्योरेन्स प्रीमियम रिअंबर्समेंट दीजिए। राजस्व घाटा 22.948 करोड़ रुपये का भुगतान करने की अपील कर रहे हैं। पोलावरम परियोजना के लिए इससे पहले खर्च किए गए 5,103 करोड़ का रिअंबर्समेंट दीजिए।

चालू वित्त वर्ष में भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास के लिए 16 हजार करोड़ रुपये मंजूर करिए। राज्य पुनर्गठन कानून में कडपा स्टील प्लांट स्थापित करने का आश्वाशन दिया था,जोकि क्षेत्र के लिए अति आवश्यक है। खान और जल की उपलब्धता वाले क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है और इसके लिए पोर्ट,सड़क और रेल की सुविधा है।

स्टील प्लांट की स्थापना के लिए केंद्र को आगे आना चाहिए। दुग्गराजु पटनम के पास पोर्ट स्थापित करने का आश्वासन आंध्र प्रदेश पुनर्गठन कानून में दिया गया है। नीति आयोग ने कहा है कि दुग्गराजू पटनम पोर्ट की स्थापना संभव नहीं होने का हवाला देते हुए वैकल्पिक जमीन देखने की सलाह दी है। इसके बदले में रामयपटनम के पास पोर्ट का निर्माण करिए।

राजधानी के निर्माण के लिए 2,500 करोड़ देने की बात कही है। अब तक 1,500 करोड़ रुपए दिए हैं। राजधानी निर्माण के नाम पर हुई गड़बड़ी की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद बनने जा रही नई राजधानी के निर्माण के लिए जरूरी सहायता प्रदान करें।