विजयवाड़ा : राजधानी के निर्माणहेतु विश्व बैंक कर्ज देने से पीछे हट रहा है और इसका कारण वाईएसआरसीपी को बताने वाले टीडीपी के नेताओं को वाईएसआरसीपी के विधायक जोगी रमेश ने आड़े हाथों लिया।

जोगी रमेश ने कहा कि हमारे शासन को तुगलकी शासन कहने वाले लोकेश का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है और वे कहीं भी कुछ भी कह रहे हैं। देखा जाए तो असली तुगलकी शासन तो चंद्रबाबू का था और उल्टा वे हम पर ही इल्जाम लगा रहे हैं।

जोगी रमेश ने कहा कि हमारी सरकार के तो अभी सिर्फ 45 दिन ही हुए हैं और इतने कम दिनों में भी अपने सुशासन और नीतियों की वजह से मुख्यमंत्री वाईएस जगन जनता के दिलों पर राज कर रहे हैं।

यही बात इन्हें पसंद नहीं आ रही इसलिए ये लोग बेसिरपैर की बातें कर रहे हैं। विधायक जोगी रमेश ने ये बातें पार्टी कार्यालय में संवाददाताओं से कही।

जोगी रमेश ने कहा कि चंद्रबाबू कहते थे कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की राजधानी बनाएंगे पर वे अंतर्राष्ट्रीय स्तर के भ्रष्टाचार में जरूर लिप्त हो गए।

पहले उन्होंने नूजिवूडु में राजधानी बनाने की बात की थी फिर ऐसा क्या हो गया जो उन्होंने अमरावती में राजधानी बनाने का काम शुरू किया। पर अमरावती का काम भी कहां पूरा हो पाया।

अमरावती से जाकर यह भ्रमरावती बन गया। यहां हर काम भ्रम से शुरू होकर भ्रम पर ही खत्म जो होता है। नूजिवीडु में किसानों से जबरदस्ती जमीन ली गई राजधानी बनाने के नाम पर और राजधानी वहां बनी ही नहीं तो जमीन कहां गई और क्यों, इसका जवाब कौन देगा।

विधायक ने कहा कि विश्व बैंक ने 12 जून को अपनी वेबसाइट पर एक पत्र पोस्ट किया जिसमें कहा गया था कि अमरावती के निर्माण पर गंभीर आपत्तियां थीं और सामाजिक न्याय नहीं किया गया था।

17 जुलाई को यह स्पष्ट किया कि पूंजी संरचना बाहर जा रही थी इसलिए वह राजधानी निर्माण के लिए ऋण नहीं देगी।

तब हमारी सरकार को सिर्फ 12 दिन ही हुए थे। लेकिन तबसे टीडीपी द्वारा यह प्रचार किया जा रहा है कि वाईएसआरसीपी की सरकार की वजह से ही विश्व बैंक ने कर्ज देने से मना कर दिया है।

क्या ऐसा हो सकता है। यह सब तो उनकी सरकार का ही किया धरा है जिसे हम सुधारने की कोशिश में लगे हैं।

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जोगी रमेश ने कहा कि हमारी आलोचना करने से पहले लोकेश को याद रखना चाहिए कि हमारे मुख्यमंत्री वाईएस जगन ने यहां घर बनाया है जिसमें वे रह रहे हैं। हमने राजधानी के बीचोंबीच अपना पार्टी कार्यालय भी स्थापित किया है।

आपकी सरकार पांच साल चली तो क्या चंद्रबाबू नायडू ने यहां घर बनवाया नहीं ना, उनकी पार्टी का तो यहां आफिस तक नहीं है। आपकी इस दरिद्रता की वजह से ही विश्व बैंक ने कर्ज न देने का निर्णय लिया है।

इसका कारण हम नहीं आप लोगों की पिछली सरकार ही है। लोकेश को यह बात जितनी जल्दी समझ में आ जाए उतना ही अच्छा होगा।