विजयवाड़ा : नदी के प्रवाह को रोकने, उसे अवरुद्ध करने की वजह से ही कई शहर पानी में डूब रहे हैं, मुख्यमंत्री वाईएस जगन ने ये बात विधानसभा में कही।

बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि हमने कभी सोचा भी नहीं कि अवैध निर्माण को हटाने पर भी कोई चर्चा कर सकता है।

सीएम ने आगे कहा कि हमें आश्चर्य हो रहा है कि कानूनन काम करने पर भी उस काम की यहां हमसे सफाई मांगी जा रही है, उस पर चर्चा हो रही है।

कृष्णा नदी बेसिन पर बने अवैध निर्माण पर गुरुवार को विधानसभा में बहस हुई।

इस अवसर पर सीएम जगन ने कहा कि बाढ़ के प्रवाह को रोकने के लिए ही वहां पर नदी के बेसिन में प्रजावेदिका का निर्माण किया गया।

नदी के संरक्षण की जिम्मेदारी हम सबकी है। अवैध संरचनाओं की वजह से ही नदी में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है।

कृष्णा नदी बेसिन पर अवैध निर्माण की वजह से बहुत नुकसान हुआ है। बारिश की वजह से मुंबई, चेन्नई का क्या हाल हो रहा है हम देख ही रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने नियमों को ताक पर रखकर अवैध निर्माण किया। बाढ़ का स्तर 22.60 मीटर है, तो चंद्रबाबू का निवास 19.50 मीटर है।मुख्यमंत्री होकर भी उन्होंने रिवर कंजर्वेशन के नियमों पर ध्यान न देकर ये अवैध निर्माण कराए।

अगर कोई सामान्यजन ऐसा करता है तो अधिकारी जाकर उसे नोटिस देते हैं और उसके न मानने पर अवैध निर्माण ढहा देते हैं पर मुख्यमंत्री के साथ ऐसा नहीं हुआ।तो क्या मुख्यमंत्री के लिए अलग नियम होते हैं और सामान्यजन के लिए नियम अलग होते हैं।

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चंद्रबाबू बार-बार कहते हैं कि उन्हें 40 साल का अनुभव है। पर अवैध निर्माण व नियमों का उल्लंघन देखकर तो यह नहीं लगता। इतना अनुभव होने के बाद तो उन्हें जनता का रोल मॉडल बनना चाहिए पर वे क्या कर रहे हैं।

इस अवसर पर सीएम जगन ने रीवर कंजर्वेटिव इंजीनियर का पत्र भी बताया जिसमें अवैध निर्माण के लिए साफ मना किया गया था पर उसके बाद भी चंद्रबाबू ने अवैध निर्माण करवाया