विजयवाड़ा : पिछले पांच सालों के टीडीपी के शासन में मंगलगिरि शहर उपेक्षित रहा और अब वाईएसआरसीपी की सरकार बनते ही ये शहर विकास की ओर अग्रसर हो रहा है।

2014 के विधानसभा के चुनाव में यहां से वाईएसआरसीपी के विधायक आल्ला रामकृष्णा रेड्डी ने चुनाव जीता था और इसी वजह से टीडीपी सरकार ने राजधानी के इतने करीब होने पर भी इस शहर के विकास की ओर ध्यान ही नहीं दिया।

2019 के विधानसभा चुनाव में राज्य के पूर्व मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे नारा लोकेश को हराकर शानदार जीत दर्ज कराने वाले विधायक आल्ला रामकृष्णा रेड्डी (आरके) ने मंगलगिरि के विकास को लक्ष्य बना लिया है।

मंगलगिरि के साथ ही मंगलगिरि के हथकरघा उद्योग के विकास के भी अच्छे दिन आ गए हैं। वाईएसआरसीपी की सरकार बनने के बाद विधानसभा में पहला बजट पेश किया गया जिसमें मंगलगिरि शहर को मॉडल शहर बनाने के लिए 50 करोड़, हथकरघा उद्योग के विकास के लिए 200 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

मंगलगिरि की जनता का कहना है कि यह सब विधायक आरके की मेहनत और योगदान का ही नतीजा है। मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी द्वारा मंगलगिरि क्षेत्र को धन आवंटित करने पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ स्थानीय जनता ने भी हर्ष व्यक्त किया है।

बजट में कृषि, शिक्षा और चिकित्सा के लिए धन आवंटित करने को जनता बेहतर निर्णय बता रही है।

बजट के संदर्भ में वाईएसआरसीपी के हैंडलूम सेक्शन के प्रदेश अध्यक्ष चिलपल्ली मोहन राव का कहना है कि वाईएस जगन ने मंगलगिरि में बुनकरों का सेमिनार आयोजित किया था और इसमें बुनकरों की समस्याओं को जाना था।

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सत्ता में आने के तुरंत बाद, पहले बजट में 200 करोड़ इस बजट में उन्होंने मंगलगिरि के बुनकरों के लिए आवंटित कर दिया। बुनकर व हथकरघा उद्योग को इस सरकार पर पूरा भरोसा था और बजट के बाद तो और बढ़ गया है।

मंगलगिरि के विधायक आरके ने भी बजट पर मंगलगिरि को मॉडल शहर बनाने के लिए 50 करोड़ और हथकरघा उद्योग के लिए 200 करोड़ आवंटित करने पर हर्ष व्यक्त किया है।

आरके का कहना है कि सरकार ने खेती व किसानों को प्राधान्यता देकर एक उदाहरण पेश किया है। अब किसानों के अच्छे दिन जरूर आएंगे, आएंगे क्या आ ही गए हैं।