विजयवाडा : तेलुगु देशम पार्टी के अध्यक्ष और विपक्षी दल के नेता नारा चंद्रबाबू नायुडू ने कहा कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे देखने पर बहुत दुख हुआ है। चुनाव समाप्त होने के तीन महीने बाद भी हार के कारणों का पता नहीं चल पाया है। फिर भी मैं मानता हूं कि कल्याणकारी योजनाओं से लोगों का दिल जीतने में नाकाम रहने के कारण हार हुई है। चंद्रबाबू ने कुप्पम निर्वाचन क्षेत्र में दूसरे दिन दौरे पर आयोजित आमसभा में यह बात कही।

विधानसभा में विपक्षी दल के नेता ने बहुत ही दुख के साथ कहा,"मैंने जो कार्य किया है वह साफ दिखाई दे रहे हैं। मगर चुनाव लोगों ने न जाने क्यों ऐसा फैसला दिया है? मैंने न जाने ऐसी कौन सी गलती की है?"

उन्होंने कहा कि प्रदेश से पलायन रोकने के लिए और अमरावती में हर एक व्यक्ति को नौकरी दिलाने की कोशिश की है। मैंने सोचा था कि राजधानी में लैंड पूलिंग के तहत जमीन देने वाले किसानों की भूमि को कुछ संस्थाओं को देने से बेरोजगार युवकों को नौकरी मिलने के साथ सरकार को भी आय होगी। मैंने यह भी सोचा था कि बिना सरकारी व्यय से राजधानी को निर्मित किया जाये। चुनाव में जो नतीजे आये उसने सब कुछ बिगाड़ दिया है।

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उन्होंने बताया कि श्रीशैलम से कुप्पम तक पानी ले आने का कार्य भी बीच में ही रुख गया है। जगन मोहन रेड्डी सरकार से आग्रह है कि जो काम बीच में रुक गये है उसे पूरा करके हंद्रीनीवा नहर के जरिए कुप्पम को पानी दें। उन्होंने कहा कि अकाल जिला अनंतपुर में किया कार तैयारी फैक्टरी स्थापित किया गया। मगर आखिर में इस निर्वाचन क्षेत्र में भी हार मिली है।

चंद्रबाबू ने कहा कि 14 साल तक मुख्यमंत्री, दस साल तक विपक्षी दल के नेता, 20 साल तक टीडीपी के अध्यक्ष के रूप में काम करने का अनुभव रहते हुए भी जो नतीजे आये है उसे देखकर पार्टी के नेता, कार्यकर्ता और महिलाएं बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। मुझे अच्छी तरह से मालूम है कि 40 साल के राजनीतिक अनुभव से कार्यकर्ताओं को किस तरह से मदद करना चाहिए। हार से किसी को नाराज होने के जरूरत नहीं है।