सदन में विपक्ष का रहना जरूरी : वाईएस जगन 

सीएम जगन  - Sakshi Samachar

विजयवाड़ा : विधायकों व विधान परिषद के सदस्यों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री वाईएस जगन ने अन्य विधायकों व स्पीकर तम्मीनेनी सीताराम के साथ भाग लिया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्पीकर के साथ विधायकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री वाईएस जगन ने कहा कि हर विधायक को विधानसभा में कैसे व्यवहार करना है, यह जानना चाहिए।

विधायक के जहां अपने अधिकार होते हैं वहीं उसके कुछ कर्तव्य भी होते हैं जिसके बारे में हर विधायक को जानना चाहिए जिससे विधानसभा सत्र का समय भी बर्बाद नहीं होगा। सिर्फ विधायक होने मात्र से उसे स्पीकर बोलने का मौका दे देंगे यह नहीं समझना चाहिए।

पिछली सरकार के समय जैसा हुआ वैसा इस बार नहीं होगा, सबको बोलने का मौका दिया जाएगा फिर वह सदस्य विपक्ष का ही क्यों न हो।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में विधायकों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सदन में विधायक के सिर्फ हाथ उठाने मात्र से बोलने का मौका मिल जाएगा ऐसा समझना गलत है, बल्कि बोलने का मौका मिले इसके लिए नियम के तहत विधायक को स्पीकर से पूछना होगा तभी स्पीकर के आदेश से वह बोल सकता है।

विधानसभा में कुछ भी बोलने से पहले अच्छी तरह तैयारी कर लेनी चाहिए क्योंकि बड़े-बड़े वक्ता भी यहां आकर बोलने में फेल हो जाते हैं। विधानसभा में स्पीकर नियमों का पालन करते हैं तो विधायकों को भी करना चाहिए जिससे कि कार्यवाही आसान हो जाए।

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हर विधायक को यह अच्छे से जान लेना चाहिए कि सदन का समय व्यर्थ न जाए इसके लिए वे नियम पुस्तिका भी पढ़ ले तो बेहतर होगा।

सीएम जगन ने कहा कि पहले जब विधानसभा के सत्र में वे आया करते थे तो सुबह चार बजे उठकर ही इसकी तैयारी कर लेते थे ताकि बाद में किसी तरह की कोई गलती न हो।

विपक्ष का रहना भी जरूरी है

पिछली सरकार के समय ऐसा होता था कि विपक्ष के नेता बोल रहे हैं तो माइक कट कर दिया जाए, पर हमारे समय ऐसा बिलकुल नहीं होगा।

बोलना सबका अधिकार है और विपक्ष के नेता के अधिकार का हनन हम नहीं करेंगे, हममें और उनमें यही तो सबसे बड़ा अंतर है।

विपक्ष के पास इस समय 23 विधायक है और उनमें से पांच को अपनी ओर लेने से विपक्ष ही नहीं रहेगा, ऐसा कई लोगों ने मुझसे कहा पर मैं यह बिलकुल नहीं चाहता। विपक्ष रहे और अपना काम करे, हम कुछ गलत नहीं करेंगे और अच्छा शासन स्थापित कर मिसाल बनेंगे, यही हमारा लक्ष्य है। विपक्ष का रहना भी जरूरी है।

विपक्ष के सवालों का जवाब भी हम देंगे क्योंकि इनके जवाब देने से ही जनता का हम पर विश्वास बढ़ेगा। साथ ही मुख्यमंत्री ने विधायकों को विधानसभा में समय का पाबंद रहने का महत्व भी बताया और यह भी कहा कि हमें अपने व्यवहार से ही मिसाल पेश करनी चाहिए।

विधायकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीएम जगन

राज्य विधानसभा में नियमों का पालन कैसे किया जाए, विधायकों को इस बात की शिक्षा देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत बुधवार को हुई। इस कार्यक्रम में विधायकों व स्पीकर के साथ मुख्यमंत्री वाईएस जगन ने भी भाग लिया।

इस कार्यक्रम के आयोजन की मंशा यही है कि विधानसभा का सेशन जब शुरू हो तो वहां हर कार्यवाही सही तरीके से हो ताकि जनता का पैसा भी बर्बाद न हो और विधानसभा के समय का भी सदुपयोग हो।

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स्पीकर तम्मिनेनी सीताराम के नेतृत्व में इस कार्यक्रम के तहत, विधायकों और एमएलसी को आज से दो दिनों के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री वाईएस जगन के आदेशानुसार यह कार्यक्रम किसी स्टार में होटल में आयोजित न करके विधानसभा के कमेटी हॉल में ही आयोजित किया गया।

वर्तमान सरकार जहां हर कार्यक्रम में कटौती कर रही है वैसे ही इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को भी कम के कम खर्च में पूरा किया जाएगा वहीं पिछली सरकार ने ऐसे ही कार्यक्रम को ग्रांड काकतीया होटल में आयोजित करके जनता के पैसे की बर्बादी की थी।

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आज इस कार्यक्रम में जहां वाईएसआर कांग्रेस के साथ जनसेना, बीजेपी, पीडीएफ के सदस्य हाजिर हुए वहीं विपक्ष के नेता चंद्रबाबू नायडू व उनकी पार्टी के विधायक इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।

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