विजयवाड़ा : आंध्र प्रदेश के मंगलगिरी से विधायक आल्ला रामकृष्णा रेड्डी (आरके) ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री चंद्राबाबू के निवास के बगल में अवैध रूप से निर्मित प्रजा वेदिका को गिराये जाने का लोग स्वागत कर रहे हैं। आरके ने बुधवार को मीडिया से यह बात कही। उन्होंने आगे कहा कि पिछली सरकार में लोगों से जमीन छीनकर प्रजा वेदिका को निर्मित किया गया है।

इतना ही नहीं चंद्रबाबू के सहयोग से ही करकट्टा पर अनेक अवैध निर्माण किये गये हैं। चंद्रबाबू ने प्रजा धन का दुरुपयोग किया है। साथ ही कानून का उल्लंघन किया है। अवैध निर्माण से नदी का भूगर्भ प्रदूषित हो जाएगा। इस बात को ध्यान में रखते हुए करकट्टा पर निर्मित अवैध निर्माणों को गिरा दिया जाए।

विधायक ने कहा कि अवैध निर्माण को लेकर वो न्याय की लड़ाई जारी रखे हुए है। करकट्टा पर 60 से अधिक अवैध निर्मित किये गये स्थलों को नोटिस मिल चुके हैं। मगर चंद्रबाबू ने मामलों को अदालत तक नहीं जाने दिया गया है। करकट्टा पर चंद्रबाबू का निर्मित किया हुआ निवासी भी अवैध है।

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प्रजा वेदिका गिराने के बाद चंद्रबाबू को अपना मकान भी खाली किया जाना चाहिए है। ऐसा करना उनके लिए अच्छी बात है। इसी तरह बाकी लोग भी अपने आप खाली करें तो और भी अच्छी होगा। रामकृष्णा रेड्डी ने यह भी आरोप लगाया है कि चंद्राबाबू ने प्रजा धन से हैदराबाद में मकान भी बनवा लिया है।

आपको बता दें कि कृष्णा नदी करकट्टु पर पिछली तेलुगु देशम पार्टी सरकार द्वारा अवैध निर्मित प्रजा वेदिका को ढहाये जाने के खिलाफ दायर याचिका की हाईकोर्ट में कल आधी रात को सुनवाई हुई। मगर हाईकोर्ट ने प्रजा वेदिका को गिराये जाने पर रोक लगाने से किया।

इससे पहले दायर याचिका में अनेक बार कोर्ट से कहा कि प्रजा वेदिका अवैध निर्माण है। हाईकोर्ट ने याचिका कर्ता से सवाल किया कि बताये कि प्रजा वेदिका अवैध है या नहीं? यदि आप कुछ कहने की हालत में नहीं है तो इसमें जन हित का सवाल कहां और कैसे उत्पन्न होता है? साथ ही कोर्ट ने सरकार की ओर से बहस में भाग लिये एजी श्रीराम के बहस को सही ठहराया।

प्रजा वेदिका को ढहाने के विरोध प्रकाशम जिले के स्वर्णा गांव निवासी और समाजसेवी पोलूरि श्रीनिवास राव ने जन हित याचिका दायर की। मंगलवार रात को हाउस मोशन के रूप में यह याचिका दायर की। उन्होंने दायर याचिका में कहा कि प्रजा वेदिका को 8.9 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किया गया है। प्रजा वेदिका को लोगों की पैसा से बनाया गया है। इस बात को ध्यान में रखते हुए लोगों के विचार जानने की आवश्यकता है।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रजा वेदिका पर जितना खर्च हुआ है उसे वसूल किये जाने को लेकर बहस आगे भी जारी रहेगी। मामले की अगली सुनवाई के लिये चार सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया।

श्रीनिवास राव ने दायर याचिका में सरकार के मुख्य सचिव, जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव, नगर निगम के प्रधान सचिव, सड़क एवं भवन विभाग के प्रधान सचिव के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायुडू, पूर्व मंत्री पी नारायण को प्रतिवादी बनाया है। इस जन हित याचिका पर जस्टीस एम सीताराम मूर्ति और जी श्याम प्रसाद की खंडपीठ ने आपातकाल में सुनवाई स्वीकार की।