नई दिल्ली : तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) की राज्य सभा सदस्य तोटा सीताराम लक्ष्मी ने अंतिम क्षण में अपना मन बदल लिया। टीडीपी के सांसद सुजना चौधरी, सीएम रमेश, टीजी वेंकटेश और गरिकपाटी मोहन राव के साथ सीताराम लक्ष्मी भी बीजेपी में शामिल होने की अटकलें तेज हुई थी।

मगर अचानक अपना मन बदला। इसके साथ ही अब राज्यसभा में टीडीपी के दो सदस्य सीताराम लक्ष्मी और रवींद्र कुमार मात्र बचे हैं। अब देखना है ये कितने दिन तक रह पाएंगे। पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू इस समय लंदन के दौरे पर हैं।

इधर राजनीतिक उथल-पुथल जारी है। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया में अनेक टिप्पणियां आ रही है।यह भी कहा जा रहा है कि चंद्रबाबू के सुझाव के अनुसार ही सीता रामलक्ष्मी ने बीजेपी शामिल होने का फैसला वापस लिया है।

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आपको बता दें कि राज्यसभा में तेलगू देशम पार्टी (तेदेपा) के चार सदस्यों ने पार्टी से इस्तीफा दिया है। सभी ने बीजेपी की सदस्यता ले ली है। चारो सांसदों को बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने और भूपेंद्र यादव की उपस्थिति में सदस्यता दिलाई गई है। टीडीपी छोड़ भाजपा में जाने वाले सांसद सीएम रमेश, सुजना चौधरी, टीजी वेकटेश, जी मोहनराव शामिल हैं।

इसके पहले राज्यसभा में छह सदस्यों वाली तेदेपा के चार सदस्य अलग गुट बनाकर भाजपा का समर्थन कर सकते हैं। समझा जाता है कि तेदेपा से अलग गुट बनाने वाले सदस्यों ने राज्यसभा के सभापति एम वैंकेया नायडू को पत्र लिखकर अपने फैसले से अवगत करा दिया है।

आपको बता दें कि चंद्रबाबू नायडू फिलहाल विदेश दौरे पर हैं और यहां पर पार्टी में उठापटक मची हुई है। पार्टी के कई अन्य नेता भी बीजेपी के साथ- अन्य राजनीतिक दलों के संपर्क में नए ठिकाने तलाश रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि चार सदस्यों का समर्थन मिलने से उच्च सदन में बहुमत के संकट से जूझ रही भाजपा को राहत मिलेगी। भाजपा की अगुवाई वाले राजग के पास राज्यसभा में फिलहाल बहुमत नहीं है।

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता वाली तेदेपा के राज्यसभा में छह सदस्य हैं और दलबदल विरोधी कानून के मुतबिक किसी दल से अलग हुये नये गुट को तभी मान्यता मिलेगी जबकि उसके दो तिहाई सदस्य इस गुट में शामिल हों। राज्यसभा की कुल सदस्य संख्या 245 है। उच्च सदन में सर्वाधिक 71 सदस्यों के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है।