नई दिल्ली। राज्यसभा में तेलगू देशम पार्टी (तेदेपा) के चार सदस्यों ने पार्टी से इस्तीफा दिया है। सभी ने बीजेपी की सदस्यता ले ली है। चारो सांसदो को बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने और भूपेंद्र यादव की उपस्थिति में सदस्यता दिलाई गई है।

टीडीपी छोड़ भाजपा में जाने वाले सांसद सीएम रमेश, सुजना चौधरी, टीजी वेकटेश, जी मोहनराव शामिल हैं।

इसके पहले राज्यसभा में छह सदस्यों वाली तेदेपा के चार सदस्य अलग गुट बनाकर भाजपा का समर्थन कर सकते हैं। समझा जाता है कि तेदेपा से अलग गुट बनाने वाले सदस्यों ने राज्यसभा के सभापति एम वैंकेया नायडू को पत्र लिखकर अपने फैसले से अवगत करा दिया है।

पार्टी के सीनियर नेताओं से नायडू ने की फोन पर बात

तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के चार राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस तरह का संकट उनकी पार्टी के लिए नई बात नहीं है। पार्टी सूत्रों ने कहा कि यूरोप में छुट्टियां मना रहे नायडू ने स्थिति का जायजा लेने के लिये यहां पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं से फोन पर बात की।

उन्होंने कहा कि नायडू ने बागी नेताओं के बारे में पूछा और नेताओं से कहा कि इस तरह के संकट तेदेपा के लिए नई बात नहीं है। सूत्रों ने उनके हवाले से कहा कि तेदेपा राज्य के हितों की सुरक्षा के लिए भाजपा से लड़ रही है। तेदेपा को झटका देते हुए, उसके छह में से चार राज्यसभा सदस्यों ने ऊपरी सदन के सभापति एम वेंकैया नायडू को आवेदन देकर उनका भाजपा में विलय करने का अनुरोध किया। बाद में ये सदस्य नयी दिल्ली में भाजपा में शामिल हुए।

भाजपा को मिलेगी राहत

उल्लेखनीय है कि चार सदस्यों का समर्थन मिलने से उच्च सदन में बहुमत के संकट से जूझ रही भाजपा को राहत मिलेगी। भाजपा की अगुवाई वाले राजग के पास राज्यसभा में फिलहाल बहुमत नहीं है

उच्च सदन में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता वाली तेदेपा के राज्यसभा में छह सदस्य हैं और दलबदल विरोधी कानून के मुतबिक किसी दल से अलग हुये नये गुट को तभी मान्यता मिलेगी जबकि उसके दो तिहाई सदस्य इस गुट में शामिल हों। राज्यसभा की कुल सदस्य संख्या 245 है। उच्च सदन में सर्वाधिक 71 सदस्यों के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है।

आपको बता दें कि चंद्रबाबू नायडू फिलहाल विदेश दौरे पर हैं और यहां पर पार्टी में उठापटक मची हुई है। पार्टी के कई अन्य नेता भी बीजेपी के साथ- अन्य राजनीतिक दलों के संपर्क में नए ठिकाने तलाश रहे हैं