नेता प्रतिपक्ष बनते ही चंद्रबाबू नायडू भूल गए सदन की मर्यादा

अपनी सीट पर बैठे विपक्ष  दल के नेता चंद्रबाबू नायडू - Sakshi Samachar

विजयवाडा : आंध्र प्रदेश में विपक्षी दल के नेता नारा चंद्रबाबू नायडू ने विधानसभा की परंपरा का उल्लंघन किया। विधानसभा में चंद्रबाबू ने विपक्ष के नेता की प्रतिष्ठा को भंग किया हैं।

विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में चुने गये तम्मिनेनी सीताराम को विधानसभा अध्यक्ष पद के आसन तक बिठाने के दौरान नहीं आये। एक अन्य विधायक निम्मल रामा नायडू मात्र विधानसभा अध्यक्ष के सीट पर बैठाने के दौरान आये। याद रहे विधानसभा को अध्यक्ष पद पर बैठाने के दौरान सत्तापक्ष दल के नेता के साथ विपक्षी दल के नेता के भी आसन तक आने की परंपरा है।

गत विधानसभा के अध्यक्ष कोडेला शिवप्रसाद राव के पदभार ग्रहण करने के दौरान सत्तापक्ष के नेता के साथ विपक्ष दल के नेता वाईएस जगन मोहन रेड्डी भी साथ गये थे। आज चंद्रबाबू ने उस परंपरा का उल्लंघन किया है।

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आपको बता दें कि आंध्र प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष के रूप में श्रीकाकुलम जिले के आमदालवलसा निर्वाचन क्षेत्र के विधायक तम्मिनेनी सीताराम सर्वसम्मति से चुने गये। प्रोटेम स्पीकर शंबंगी चिन्ना वेंकट अप्पलनायडू ने विधानसभा में गुरुवार को सुबह घोषणा की कि विधानसभा अध्यक्ष के रूप में तम्मिनेनी सीताराम सर्वसम्मति से चुने गये हैं।

इसके बाद मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी, मंत्री, तेलुगु देशम पार्टी के विधायक अच्चे नायडू, निम्मल रामनायडू और अन्य सदस्यों ने तम्मिनेनी को अध्यक्ष स्थान तक ले जाकर बिठाये और बधाई दी।

आपको बता दें कि तम्मिनेनी सीताराम बीसी समुदाय के हैं। तम्मिनेनी आमुदावलसा निर्वाचन क्षेत्र से छह बार विधायक चुने गये। तीन बार मंत्री भी रह चुके है।

आपको बता दें कि कल बुधवार को स्पीकर पद के चुनाव की अधिसूचना जारी की गई थी। तम्मिनेनी का एक मात्र नामांकन पत्र दाखिल हुआ था। इसके चलते विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव नाम मात्र रह गया। तम्मिनेनी के नामांकन का समर्थन करते हुए अनेक मंत्री और 30 विधायकों ने हस्ताक्षर किये है।

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