विजयवाड़ा : आंध्र प्रदेश की 15वीं विधानसभा का पहला सत्र बुधवार सुबह 11.05 बजे शुरू करने का निर्णय लिया गया है। प्रोटेम स्पीकर नियुक्त हुए शंभंगी चिन वेंकट अप्पलानायडू नवनिर्वाचित सदस्यों से पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।

पहले मुख्यमंत्री व सदन के नेता वाईएस जगन मोहन रेड्डी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। उसके बाद पूर्वी मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष चंद्रबाबू, मंत्रियों तथा सदस्यों को क्रमश: शपथ दिलाएंगे। 175 सदस्यों को शपथ दिलाने का कार्यक्रम बुधवार को पूरा नहीं होने की स्थिति में उसे गुरुवार सुबह भी जारी रखा जाएगा। 13जून को तम्मीनेनी सीताराम निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष चुने जाएंगे।

उसके बाद मुख्यमंत्री वाईएस जगन और मंत्री उन्हें अध्यक्ष स्थान पर बिठाकर उन्हें बधाई देंगे। स्पीकर के रूप में निर्वाचित सीताराम को पूरी सदन बधाई देगा। उसके अगले दिन यानि 14वीं तारीख की सुबह 9 बजे राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन दोनों सदनों को संबोधित करेंगे। राज्यपाल अपने अभिभाषण के जरिए नई सरकार की नीतियों व लक्ष्यों पर प्रकाश डालेंगे।

राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही स्थागित होगी। 15 और 16 को आवकाश होने से सदन की कार्यवाही पुन : 17 जून को शुरू होगी और उस दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री वाईएस जगन सदन में हुई चर्चा पर जवाब देंगे और उसके साथ ही सत्र समाप्त हो जाएगा।

किसी राजनीतिक दल को पहली बार मिले 50 फीसदी वोट

राज्य के इतिहास में किसी पार्टी का 50 फीसदी वोटों के साथ 86 फीसदी सीटें हासिल कर सत्ता में आना पहली बार है। 14वीं विधानसभा में सत्तारूढ़ और मुख्य विपक्षी पार्टियों के स्थान बदल चुके हैं। पिछली विधानसभा में सक्षम विपक्ष की भूमिका निभा चुकी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी लोगों का दिल जीतकर 15वीं विधानसभा में सत्तारूढ़ पार्टी का दर्जा हासिल कर चुकी है।

पिछली विधानसभा में केवल 1.50 फीसदी वोटों के बहुमत से सत्ता हासिल कर चुकी टीडीपी पिछले पांच वर्षों के शासन में विफल होने और लोगों के आक्रोश का शिकार बनकर इस बार विपक्ष के स्थान पर बैठने वाली है।

2014 में पहली बार विधायक चुनकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने भ्रष्टाचार सहित विभिन्न मुद्दों पर बार-बार सरकार को घेरा, जिसकी लोग आज भी प्रशंसा करते हैं। इसके अलावा जनसमस्याएं जानने के लिए लगातार 14 महीने तक 3,648 किलो मीटर लंबी पदयात्रा कर जगन ने लोगों में एक नई उम्मीद जगाई। नवरत्नालु योजनाओं के जरिए वाईएसआर का कल्याणकारी शासन लौटाने का लोगों को भरोसा दिया।

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कमजोर विपक्ष

पिछली विधानसभा में मुख्यमंत्री रहे चंद्रबाबू इस बार नेता प्रतिपक्ष के स्थान पर बैठने वाले हैं, लेकिन विपक्ष इस बार उतना मजूबत नहीं है, क्योंकि उसके पास केवल 23 विधायक हैं, जबकि पिछली विधानसभा में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के पास 67 विधायक थे। 2014 के चुनाव में वाईएसआर कांग्रेस के टिकट पर जीतने वाले 23 विधायक तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के प्रलोभन में आकर संविधान के खिलाफ टीडीपी में शामिल हो गए। 15वीं विधानसभा के लिए हुए चनाव के नतीजे 23 मई को आए थे और टीडीपी को सिर्फ 23 सीटें मिलीं।

राष्ट्रीय पार्टियां नदारद

आंध्र प्रदेश की 15वीं विधानसभा में राष्ट्रीय पार्टियों के लिए कोई जगह नहीं मिली है। राज्य के इतिहास में पहली बार विधानसभा में किसी भी राष्ट्रीय पार्टी का प्रतिनिधित्व नहीं है। कांग्रेस, भाजपा और वामदलों से 15वीं विधानसभा के लिए एक भी विधायक नहीं चुना गया। यही नहीं, अभिनेता पवन कल्याण द्वारा स्थापित जन सेना पार्टी भी हाल के चुनाव में बुरी तरह से हार गई है। यही नहीं, जन सेना के संस्थापक अध्यक्ष पवन कल्याण ने दो निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ा था, लेकिन दोनों पर उन्हें हार ही मिली। उस पार्टी की तरफ से केवल पूर्वी गोदावरी जिले के राजोलु से रापाका वरप्रसाद विधायक चुने गए हैं।