YSRCP की कामयाबी ने कई टीडीपी नेताओं के परिवारों को चखाया हार का स्वाद 

डिजाइन फोटो  - Sakshi Samachar

अमरावती : हाल के चुनावों के नतीजे में आई वाईएसआरसीपी की सुनामी ने टीडीपी नेताओं के परिवारों को फैमिली पैकेज में डुबो दिया है। रायलसीमा में पूर्व केंद्रीयमंत्री कोट्ला सूर्यप्रकाश रेड्डी दंपत्ति ने कांग्रेस से छोड़ टीडीपी में शामिल होने के बावजूद उन्हें चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है।

पुरानी दुश्मनी को भुलाकर डिप्टी सीएम के ई कृष्णमूर्ति के साथ एक नई शुरूआत करने वाले इस परिवार को भी हार के कड़वे अनुभव से दो चार होना पड़ा है। चंद्रबाबू से किए वादे के अनुसार कोट्ला ने अपनी कर्नूल लोकसभा सीट से खुद चुनाव लड़ा और अपनी पत्नी सुजातम्मा को आलूरू से चुनाव लड़वाया, लेकिन उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा।

-डिप्टी सीएम के ई कृष्णमूर्ती ने चुनाव नहीं लड़ा बल्कि उन्होंने अपने पुत्र के ई श्यामबाबू को पत्तीकोंडा से और भाई के ई प्रताप को डोन से चुनावी दंगल में उतारा, लेकिन दोनों वाईएसआरसीपी उम्मीदवार के सामने टिक नहीं पाए।

- भूमा अखिला प्रिया आल्लगड्डा से तो नंद्याल से उनके विधायक भाई भूमा ब्रह्मानंद रेड्डी टीडीपी के तरफ से चुनाव लड़े, लेकिन यहां भी वे हार से बच नहीं पाए।

- नंद्याल के सांसद एसपीवाई रेड्डी जनसेना की टिकट तो उनके दामाद व बेटी नंद्याल, श्रीशैलम,बनगानपल्ले विधानसभा सीट से चुनाव में अपनी किस्मत आजमाई। चुनावों के बाद जहां एक तरफ एसपीवाई रेड्डी का निधन हो गया वहीं दूसरी ओर उनके परिवार के सारे सदस्सों को हार का सामना करना पड़ा।

- जेसी दिवाकर रेड्डी, जेसी प्रभाकर रेड्डी ने अपने बेटे जेसी पवनकुमार रेड्डी, जेसी अस्मित रेड्डी को टीडीपी के टिकट पर चुनाव लड़वाया, लेकिन वे भी जीत नहीं पाए।

-सिने अभिनेता बालकृष्णा के बड़े दामाद नारा लोकेश मंगलगिरी से, तो छोटे दामाद भरत विशाखा लोकसभा सीट से चुनाव लड़े, लेकिन वे भी जीत का स्वाद चख नहीं पाए।

- नेल्लूर जिले से उदयगिरी से बोल्लिनेनी रामाराव, आत्मकुरु से उनके भाई कृष्णय्या टीडीपी की ओर से चुनाव लड़कर हार गए।

- मंत्री गंटा श्रीनिवास राव...एक और मंत्री पी नारायणा, भीमावरम के पूर्व विधायक पुलपर्ती रामांजनेयुलु एक-दूसरे के साडु हैं। जहां गंटा श्रीनिवास को विशाखपट्टनम की उत्तरी क्षेत्र से हार का सामना करना पड़ा वहीं नेल्लोर और भीमावरम से चुनाव लड़ने वाले उनके समधियों को भी हार का मुह देखना पड़ा।

- विजयनगरम लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले अशोक गजपतिराजु, विजयनगरम शासनसभा की सीट से चुनाव लड़ने वाली उनकी पुत्री अतिथि दोनों को ही हार का कड़वा घूंट पीना पड़ा।

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