नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव नतीजों और खासकर आंध्र प्रदेश के रुझानों ने एक बार फिर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को हीरो बना दिया है। प्रशांत किशोर इस बार दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश में YSR कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे। आंध्र प्रदेश में YSRCP की शानदार जीत का कुछ हद तक क्रेडिट प्रशांत किशोर को भी दिया जा रहा है। सियासी सूत्रों के मुताबिक किशोर ने न सिर्फ वाईएसआरसीपी की चुनावी रणनीति का खाका खींचा। बल्कि उन्होंने आंध्र प्रदेश की हरेक सीट पर अहम सुझाव भी दिेये। जानकारी के मुताबिक फिलहाल प्रशांत किशोर अमरावती में वाई एस जगन मोहन रेड्डी के साथ ही आंध्र के नतीजों पर नजर बनाए हुए हैँ।

प्रशांत किशोर की करीबी वाईएसआरसीपी सुप्रीमो वाई एस जगन मोहन रेड्डी के प्रति तब झलकी जब एक सार्वजनिक सभा में किशोर का परिचय खुद जगन मोहन रेड्डी ने लोगों से कराया। हालांकि लाइमलाइट में कम ही नजर आने वाले प्रशांत किशोर ने मंच से लोगों को संबोधित नहीं किया, बल्कि शुक्रिया बोलकर उन्होंने आभार भर जताया।

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प्रशांत किशोर फिलहाल बिहार की राजनीति में सक्रिय हैं। सत्ताधारी जदयू पार्टी के वे अहम पदाधिकारी हैं। जाहिर है पीके का बिहार जदयू में शामिल होना बिहार के नतीजों को भी प्रभावित करता है। बिहार एनडीए की भारी जीत की उम्मीद का श्रेय भी कुछ हद तक प्रशांत किशोर को ही दिया जा रहा है।

प्रशांत किशोर का पूरा परिचय

  • 1977 में जन्में प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) का संबंध बिहार के बक्सर जिले से है।
  • प्रशांत के पिता सरकारी चिकित्सक थे। साथ ही उनके बड़े भाई पटना में कारोबार करते हैं।
  • प्रशांत किशोर की शुरुआती पढ़ाई बिहार में ही हुई। बाद में वे इंजीनियरिंग करने हैदराबाद चले आए थे।
  • किशोर ने अपना करियर यूनिसेफ से शुरू किया। यहां इनकी जिम्मेदारी ब्रांडिंग की थी।
  • 2011 में प्रशांत भारत वापस लौटे और गुजरात के चर्चित 'वाइब्रैंट गुजरात' आयोजन से जुड़ गए।
  • 'वाइब्रैंट गुजरात' आयोजन के दौरान ही पीके की मुलाकात तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई।
  • प्रशांत किशोर पहली बार लोकसभा चुनाव 2014 में चर्चा में आए।
  • 2014 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी को मिली भारी जीत का श्रेय प्रशांत किशोर को ही दिया जाता है।
  • जीते के बाद श्रेय लेने की होड़ में किशोर का व्यक्तिगत संबंध अमित शाह से खराब हो गया। इसके बाद वे बिहार लौट आए।
  • बिहार में नीतीश कुमार के साथ पीके की नजदीकी बढ़ी।
  • प्रशांत किशोर ने YSRCP सहित कई पार्टियों की ब्रांडिंग में अहम भूमिका निभाई।